
केडीए ने इसरो से मिलाया हाथ, अवैध निर्माणों पर रखेगा नजर
कानपुर. प्रदेश सरकार के सबसे धनी विभाग में शुमार केडीए सपा सरकार के दौरान कंगाल हो गया है और इसे अपने पैरों में फिर से खड़ करने के लिए केडीए वीसी विजयेन्द्र पाण्डियन दिन रात मेहनत कर रहे हैं। जहां अवैध इमरातों को सील किया जा रहा है, वहीं भूमाफियाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराए जा रहे हैं। इसी के तहत वीसी हाउसिंग स्कीम्स में केडीए की खाली पड़ी जमीन और प्लॉट तलाशने के लिए अब इसरो की मदद लेगा। इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर से केडीए सिटी की जमीन से 50 सेंटीमीटर ऊंचाई से ली गई सैटेलाइट इमेज हासिल करेगा। इसके लिए केडीए ने इसरो के द्वारा मांगी गई फीस भी चुका दी है। वीसी ने बताया कि सैटेलाइट इमेज से हाउसिंग स्कीम में रोड, पार्क, घर ही नहीं तालाब खाली पड़े प्लॉट आदि की पूरी जानकारी हो जाएगी। इससे अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी।
सैटेलाइट के जरिए रखेगा नजर
केडीए वीसी का पद ग्रहण करने के बाद विजयेन्द्र पाण्डियन ने सबसे पहले सरकारी बाबुओें पर पेंच कसे। साथ ही दलालों के जरिए केडीए के जमीन व प्लॉटों की हुई खरीद-फरोख्त की जांच भी शुरू कर दी है। तीन बाबुओं को काम पर लापरवाही बरतने के आरोप में वीसी ने निलंबित कर, तीस से ज्यादा भूमाफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। केडीए के खाली तिजोरी भरने के लिए इन्होंने इसरो के साथ हाथ मिलाया है। इसरो के सैटेलाइट के जरिए केडीए शहर में पड़ी अपनी जमीन को तलाशेगा। इसके साथ ही अवैध निर्माणों की देखरेख भी करेगा। इसरो के ड्रोन कैमरे के जरिए तस्वीर ली जाएगी और जहां भी अवैध निर्माण हो रहे होंगे, वहां की पोल इसके जरिए खुल जाएगी।
50 सेमी की ऊंचाई से लेगा तस्वीर
इसरो के जरिए ली जा रही सैटेलाइट इमेज के जरिए खाली जमीन, प्लॉट तलाशने की शुरूआत केडीए किदवई नगर हाउसिंग स्कीम से करेगा। फिलहाल शासन से नियुक्त की गई पीसीएस कम्पनी किदवई नगर हाउसिंग स्कीम का लैंड ऑडिट कर रही है। अफसरों की की मानें तो जमीन से 50 सेंटीमीटर ऊपर से लिए गए सैटेलाइट इमेज से हाउसिंग स्कीम में रोड, पार्क, घर ही नहीं तालाब खाली पड़े प्लॉट आदि की पूरी जानकारी हो जाएगी। इससे अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने में भी मदद मिलेगी। ड्रोन के जरिए लिए गए इमेज को सैटेलाइट इमेज में सुपर इंपोज करने से असलियत खुलकर सामने आ जाएगी।
केडीए ने चुकता की रकम, सैटेलाइट जल्द करेगा काम
कडीए वीसी ने बताया कि हमने इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद को दिए पैसे दे दिए हैं। जल्द ही इसरो की मदद से केडीए शहर की निगरानी करेगा। वीसी ने बताया कि इसरो से हमारा अभी एक साल का करार हुआ है और जमीन पर काम अच्छा दिखने के बाद इसे बढ़ाया भी जा सकता है। इसरो के सैटेलाइट अब भूमाफियाओं पर भी बरीकी से नजर रखी जाएगी। वीसी ने माना कि शहर में केडीए की जमीन बड़े पैमाने पर है, जिस पर लोगों ने भवन व इमारतें खड़ी कर ली हैं। अब ड्रोन कैमरे के जरिए इनकी पहचान की जाएगी। जो भी इमारत अवैध पाई जाएगी उसे गिराया जाएगा। साथ ही मकान मालिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
Published on:
03 Sept 2017 09:52 am
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