
कानपुर के एक बालिका इंटर कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया, जब छह सहायक अध्यापिकाओं ने विद्यालय के एक कर्मचारी पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। शिक्षिकाओं का कहना है कि आरोपी कर्मचारी शौचालय आने-जाने के दौरान उनकी तस्वीरें खींचता और वीडियो बनाता था। मामला तब और सनसनीखेज हो गया जब शिक्षिकाओं ने आरोप लगाया कि यह सब कथित तौर पर प्रधानाचार्या के निर्देश पर किया जा रहा था।
इस संबंध में सभी अध्यापिकाओं ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) संतोष कुमार राय को लिखित शिकायत भेजी है। साथ ही शिकायत की प्रति उप शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) कानपुर मंडल, राजेश कुमार वर्मा को भी भेजी गई है।
शिकायत में शिक्षिकाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्होंने इस आपत्तिजनक हरकत का विरोध किया, तो संबंधित कर्मचारी ने साफ कहा कि वह यह सब प्रधानाचार्या के निर्देश पर कर रहा है। इससे मामला और भी संदिग्ध हो गया। इसके अलावा, एक अन्य कॉलेज के शिक्षक पर भी आरोप है कि वह दिनभर विद्यालय परिसर में बैठा रहता है और शिक्षिकाओं को शौचालय जाने के दौरान टोकता है। इतना ही नहीं, उस पर महिला शौचालय के उपयोग का भी आरोप लगाया गया है, जिससे शिक्षिकाओं में भय और असहजता का माहौल बन गया।शिक्षिकाओं का कहना है कि जब उन्होंने यह पूरी बात प्रधानाचार्या के संज्ञान में लाई, तो अपेक्षित कार्रवाई के बजाय उन्हें ही फटकार का सामना करना पड़ा। आरोप है कि प्रधानाचार्या ने नाराज होकर उन्हें उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने से रोक दिया और भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उप शिक्षा निदेशक राजेश कुमार वर्मा ने डीआईओएस को स्थलीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि पूरे प्रकरण का सत्यापन कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वहीं, प्रधानाचार्या ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामले की जानकारी से ही इनकार किया है। हालांकि, डीआईओएस संतोष कुमार राय ने बताया कि जांच प्रक्रिया जारी है और यदि कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
25 Mar 2026 06:21 pm
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