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Kanpur News:गैस के इंतजार में तड़पते उपभोक्ता, छापेमारी में खुली पोल, अब लाइसेंस पर संकट

LPG Supply Irregularities:कानपुर में गैस आपूर्ति में लापरवाही पर पुष्पा गैस एजेंसी के खिलाफ छापेमारी हुई। रिकॉर्ड न मिलने और सहयोग न करने पर लाइसेंस निलंबन की संस्तुति की गई है।

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कानपुर नगर में घरेलू गैस आपूर्ति को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पुष्पा गैस एजेंसी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अपर जिलाधिकारी (नागरिक आपूर्ति) राजेश कुमार के निर्देश पर की गई जांच में एजेंसी की गंभीर लापरवाही उजागर हुई, जिसके बाद लाइसेंस निलंबन की संस्तुति कर दी गई है।

शिकायतों की बाढ़ ने खोली एजेंसी की पोल

जिला पूर्ति कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम के लैंडलाइन नंबर 0512-2988763 और व्हाट्सएप नंबर 6394616122 पर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। उपभोक्ताओं का आरोप था कि ऑनलाइन बुकिंग के बावजूद उन्हें समय से गैस सिलेंडर की डिलीवरी नहीं मिल रही है। कई लोग दिनों तक इंतजार करने को मजबूर थे, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा था।शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया और संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम में जिला पूर्ति अधिकारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी कर्नलगंज व नवाबगंज और पूर्ति निरीक्षक शामिल रहे।

छापेमारी में सामने आई लापरवाही

टीम ने खलासी लाइन स्थित एजेंसी और कार्यालय पर औचक छापेमारी की। मौके पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता मौजूद मिले, जो गैस न मिलने से नाराज थे। जांच के दौरान एजेंसी का प्रोपराइटर और मैनेजर दोनों ही अनुपस्थित पाए गए, जिससे स्थिति और संदिग्ध हो गई।वहीं, मौके पर मौजूद कर्मचारी जावर अली और सलोनी ने खुद को एजेंसी का स्टाफ बताया, लेकिन जब उनसे गैस स्टॉक, आवंटन और वितरण से जुड़े दस्तावेज मांगे गए तो वे कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके। इससे साफ हो गया कि एजेंसी संचालन में पारदर्शिता का अभाव था।जांच टीम ने मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं के बयान भी दर्ज किए, जिनमें समय पर गैस आपूर्ति न होने की बात सामने आई। इससे एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।

गोदाम भी मिला बंद, बढ़ी कार्रवाई

जांच टीम जब मेनावती मार्ग स्थित गैस गोदाम पहुंची तो वह भी बंद मिला। इस दौरान न तो कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद था और न ही कोई रिकॉर्ड उपलब्ध कराया गया। प्रारंभिक जांच और उपभोक्ताओं के लिखित बयानों से यह स्पष्ट हो गया कि एजेंसी न केवल गैस वितरण में लापरवाही कर रही थी, बल्कि जांच में भी सहयोग नहीं कर रही थी।इन गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए संबंधित कंपनी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय प्रबंधक को एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की संस्तुति भेज दी गई है।

कंट्रोल रूम की सक्रियता से मिली राहत

इधर, जिला प्रशासन की सक्रियता के चलते गैस आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों में कमी भी दर्ज की गई है। 18 मार्च 2026 को कंट्रोल रूम पर कुल 35 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 8 का तत्काल समाधान कर दिया गया, जबकि बाकी पर कार्रवाई जारी है। इसके अलावा पूर्व में लंबित 38 शिकायतों का भी निस्तारण किया गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि जनपद में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस सिलेंडर बुक करें।उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की सुविधा से खिलवाड़ करने वाली किसी भी एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।