
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। अज्ञात जालसाजों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से पांच लाख रुपये पार कर दिए। खास बात यह रही कि पूरी वारदात के दौरान न तो पीड़ित को कोई कॉल आया और न ही किसी प्रकार का OTP या अलर्ट संदेश मिला। घटना से पीड़ित और बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पनकी के बी-ब्लॉक निवासी राजेश बाबू सचान साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने बताया कि उनका बचत और लोन खाता एसबीआई की पनकी शाखा में संचालित है। आरोप है कि 3 अप्रैल 2026 को जालसाजों ने सुनियोजित तरीके से उनके बचत खाते से पांच लाख रुपये पहले लोन खाते में ट्रांसफर किए और इसके बाद रकम को किसी अज्ञात खाते में भेजकर निकाल लिया। हैरानी की बात यह रही कि उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी तत्काल नहीं हो सकी। बाद में जब उन्होंने अपने खातों की जांच की तो इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। पीड़ित ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए बैंक और पुलिस को सूचना दी है। फिलहाल घटना को लेकर जांच की जा रही है और जालसाजों की तलाश जारी है।
पीड़ित ने बताया कि उन्होंने कभी भी किसी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंकिंग जानकारी जैसे ओटीपी, पिन या पासवर्ड साझा नहीं किया। इसके बावजूद खाते से बड़ी रकम निकल जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। उनका कहना है कि बिना किसी जानकारी साझा किए इस तरह की ठगी होना बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाता है। पीड़ित ने आशंका जताई है कि इस मामले में बैंक के किसी कर्मचारी की भूमिका हो सकती है। उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वही पूरे मामले को लेकर पनकी थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर सेल की मदद ली जा रही है। बैंक खातों के ट्रांजैक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है और जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी जानकारी जुटाई जा रही है।
Published on:
09 Apr 2026 08:25 pm
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