
गिरफ्तार आरोपी रोहित
Kidney Racket, Kanpur News:कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जिस रोहित को अब तक डॉक्टर बताया जा रहा था, वह दरअसल सिर्फ 12वीं पास है। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उसने खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का भरोसा जीता और पूरे गिरोह का संचालन करता रहा। यह खुलासा सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस का मानना है कि रोहित लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय था और उसने कई लोगों को अपने झांसे में लेकर इस नेटवर्क को मजबूत बनाया।
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहित बेहद शातिर तरीके से अपनी फर्जी पहचान बनाता था। वह स्टेथोस्कोप और एप्रन पहनकर तस्वीरें खिंचवाता था, ताकि वह असली डॉक्टर जैसा दिखे। पुलिस को कई ऐसी तस्वीरें मिली हैं, जिनमें वह ऑपरेशन थिएटर के अंदर मौजूद है और डॉक्टरों के साथ सर्जरी में शामिल दिखाई देता है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह न सिर्फ दिखावे के लिए, बल्कि वास्तव में ऑपरेशन प्रक्रिया में भी हिस्सा लेता था, जो बेहद खतरनाक और गैरकानूनी है।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी और उनकी टीम लगातार रोहित से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक की पूछताछ में कई अहम सुराग मिले हैं। संभावना है कि इस रैकेट से जुड़े कई बड़े और प्रभावशाली लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने कई अवैध किडनी ट्रांसप्लांट किए हैं। इनमें से कई मरीजों और किडनी देने वालों की मौत हो चुकी है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य कारण ऑपरेशन में प्रशिक्षित डॉक्टरों की कमी और फर्जी लोगों की भूमिका रही। बिना उचित मेडिकल व्यवस्था और सुरक्षा के किए गए इन ऑपरेशनों ने कई जिंदगियां छीन लीं। यह मामला स्वास्थ्य प्रणाली की निगरानी और सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस अब इस पूरे गिरोह की जड़ तक पहुंचने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रोहित से मिली जानकारी के आधार पर अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है और संदिग्ध अस्पतालों व डॉक्टरों की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस मामले में और बड़े खुलासे होंगे। यह कार्रवाई भविष्य में इस तरह के अपराधों पर रोक लगाने के लिए भी अहम साबित हो सकती है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम.कासिम आबिदी ने बताया कि थाना रावतपुर क्षेत्र में विगत दिवसों में प्राइवेट अस्पतालों में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त से संबंधित प्रकरण में रोहित तिवारी, निवासी बिलग्राम (हरदोई) व ₹25,000 का इनामिया अभियुक्त, को थाना रावतपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। वह अवैध किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट का मास्टरमाइंड था। पूछताछ में सामने आया कि वह मेरठ की टीम (रोहित मुदगल, डॉक्टर अली, अफज़ल) के संपर्क में रहकर उन्हें कानपुर बुलाता था और विभिन्न अस्पतालों में ऑपरेशन कराता था। वह 12वीं पास है, लेकिन खुद को डॉक्टर बताकर लोगों को गुमराह करता था और पूरे नेटवर्क टीम, अस्पताल, डोनर व रिसीपिएंट का संचालन करता था। उसने 30 से अधिक ऑपरेशन कराने की बात स्वीकार की है। उसका मोबाइल बरामद नहीं हुआ है, जिसकी तलाश जारी है। कानपुर में शिवम अग्रवाल उसका मुख्य सहयोगी था। अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों के प्रयास जारी हैं तथा जांच प्रचलित है।
Updated on:
13 Apr 2026 03:35 pm
Published on:
13 Apr 2026 03:33 pm
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