
कानपुर। अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट के खुलासे के बाद कमिश्नरी पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो गई है। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने फरार चल रहे दो ओटी टेक्नीशियन को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपी हाल ही में आहूजा नर्सिंग होम में हुए अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के दौरान मौजूद थे और ऑपरेशन में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह राघव और राजेश कुमार के रूप में हुई है। कुलदीप हापुड़ का निवासी है और गाजियाबाद स्थित शांतिगोपाल नर्सिंग होम में ओटी टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत है, जबकि राजेश कुमार गाजियाबाद का रहने वाला है और नोएडा के सर्वोदय हॉस्पिटल में तैनात है। दोनों को दलहन क्रॉसिंग क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों आरोपी अवैध किडनी ट्रांसप्लांट के प्रत्येक मामले में 35 से 40 हजार रुपये तक लेते थे। आहूजा नर्सिंग होम में हुए ऑपरेशन के लिए दोनों दिल्ली से फ्लाइट के जरिए कानपुर पहुंचे थे। इनकी जिम्मेदारी ऑपरेशन के दौरान सर्जरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और दवाओं की व्यवस्था करना था।
गौरतलब है कि इससे पहले पुलिस ने सोमवार देर शाम आहूजा अस्पताल, प्रिया अस्पताल और मिड लाइफ अस्पताल में छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 1.75 लाख रुपये नकद और भारी मात्रा में दवाइयां बरामद की गई थीं। इस मामले में आईएमए की उपाध्यक्ष डॉ. प्रीति आहूजा, उनके पति डॉ. सुरजीत सिंह आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेन्द्र सिंह और एम्बुलेंस संचालक शिवम अग्रवाल को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि थाना रावतपुर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में अवैध किडनी खरीद-फरोख्त के मामले की जांच के दौरान छह लोगों के साथ अन्य डॉक्टरों के नाम भी सामने आए थे। इनमें कुलदीप और राजेश वांछित चल रहे थे, जिनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी।उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल आठ आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।
Published on:
02 Apr 2026 07:43 pm
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