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कानपुर में मुर्दे का इलाज: आरोप- मौत के बाद भी मंगाई गई दवाइयां, पुलिस के आने के बाद हुआ खुलासा

Kanpur nursing home, treatment of dead body कानपुर में मुर्दे के इलाज का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि आईसीयू में भर्ती मरीज को देखने नहीं दिया जा रहा। पुलिस के आने के बाद मौत का खुलासा हुआ। ‌

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Kanpur nursing home, treatment of dead body कानपुर में मुर्दे के इलाज का मामला सामने आया है। जिसमें आईसीयू में भर्ती मैरिज की मौत के बाद भी दवाइयां का पर्चा लगातार आ रहा था। पैसे खत्म होने पर परिजनों ने मरीज को डिस्चार्ज करने के लिए कहा। लेकिन नर्सिंग होम संचालक मरीज को डिस्चार्ज नहीं कर रहा था। इस डायल 112 पर घटना की जानकारी दी गई। पुलिस के आने के बाद मौत की बात सामने आई। परिजनों ने अस्पताल के खिलाफ करवाई और पैसे वापसी की मांग की। पुलिस ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। मामला चकेरी थाना क्षेत्र का है। ‌

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उत्तर प्रदेश के कानपुर में के चकेरी थाना क्षेत्र स्थित नर्सिंग होम में मुर्दे के इलाज का मामला सामने आया है। फतेहपुर के हुसैनगंज निवासी हिमांशु ने बताया कि 55 वर्षीय पिता राजाराम को बीते 16 मई को प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। जिनकी आंतें फट गई थी। शुरुआत में डॉक्टरों ने 60 से 70 हजार रुपए का खर्च बताया था। लेकिन अब तक नर्सिंग होम स्टाफ ने 2 लाख 38 हजार वसूल कर चुके है।

आईसीयू में मरीज को देखने नहीं दिया जा रहा

मरीज को आईसीयू में देखने नहीं दिया जा रहा है। नर्सिंग होम से दवाइयां और पैसे की मांग होती रही।‌ पैसे खत्म होने के बाद उन्होंने डिस्चार्ज करने को कहा तो इंकार कर दिया गया।‌ शक होने पर उन्होंने अंदर जाकर देखा तो पल्स नहीं चल रही थी। इस पर डायल 112 पर घटना की जानकारी दी गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची डायल 112 ने अंदर जाकर देखा तो राजाराम की मौत हो चुकी थी।

400 की जगह 1450 रुपए वसूले गए

मृतक पुत्र हिमांशु ने बताया कि उसके पास एक बिस्वा जमीन नहीं है। 8 प्रतिशत ब्याज पर इलाज के लिए रुपए लेकर आया है। 4 सौ रुपए के बिल की जगह 1450 रुपए ऑनलाइन पेमेंट किया गया। ‌मौत की सच्चाई सामने आने के बाद अस्पताल वाले कहते हैं कि लिखकर दो कि कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं करेंगे तो एंबुलेंस से घर भिजवा दिया जाएगा।

नर्सिंग होम संचालक ने आरोपों को गलत बताया

नर्सिंग होम होम संचालक डॉक्टर पवन पटेल का कहना है कि मरीज को जब लाया गया था तो उसकी हालत काफी गंभीर थी। मरीज के स्वास्थ्य को लेकर परिजनों को पूरी जानकारी दी गई। लगाए जा रहे आरोप गलत है। चकेरी इंस्पेक्टर संतोष शुक्ला ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। फिलहाल परिजनों को शांत कर दिया गया है।