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पुलिस के हत्थे लगा डॉन सुल्तान मिर्जा, दाउद के साथ शाकाल भी पकड़ा गया

एसपी अनुराग आर्या की टीम ने छह आरोपियों को किया गिरफ्तार, फिल्म देख कर खड़ा कर लिया गैंग

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पुलिस के हत्थे लगा डॉन सुल्तान मिर्जा, दाउद के साथ शाकाल भी पकड़ा गया

कानपुर। कुछ साल पहले रूपहले पर्दे पर एक फिल्म वंस अपॉन ए टाइम आई थी, जिसमें मुम्बई के अंडरवर्ड के बेताब बादशाह सुल्तान मिर्जा और दाउद के रूतबे को दिखाया गया। फिल्म को देखने के बाद कानपुर के एक युवक ने अपना नाम सुल्तान मिर्जा रख आयाराम-गयाराम की दुनिया में कदम बढ़ा दिए। पहले मोहल्लेवालों को अपना शिकार बनाता फिर अन्य युवकों को अपने साथ में रख खुद का गैंग खड़ा कर लिया। गैंग में उसका दाहिना दाउद था तो बयां छोटा शकील था। वहीं शाकाल लोगों को अपने जाल में फंसाता और वारदात को अंजाम देकर सभी फरार हो जाते। छह युवकों ने शहर में ताबड़तोड़ लूट, चोरी, डकैती सहित दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया। आरोपियों ने कुछ दिन पहले एक महिला के साथ लूटपाट की थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो आरोपियों के नाम सामने आए। शनिवार की शाम आरोपी किसी घटना को अंजाम देने के लिए नौबस्ता के पास खड़े थे, तभी पुलिस के हत्थे लग गए। पुलिस ने सभी लुटेरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके जेल भेज दिया।
फिल्म देख बने क्रिमिनल
एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने रविवार को पुलिस लाइन में चेन और पर्स स्नेचिंग करने वाले गैंग का खुलासा किया। एसपी पूर्वी ने बताया कि नौबस्ता यशोदा नगर राजेंद्र नगर निवासी इंटर के छात्र राज बाजपेई ने वंस अपॉन ए टाइम फिल्म देखने के बाद अपना नाम सुल्तान मिर्जा रखा। हमेशा नंगे पांव चलना और क्षेत्र में मारपीट कर अपनी पहचान बनाई। फिर गैंग बनाया इसमें हाईस्कूल का छात्र शुक्लागंज निवासी राहुल तिवारी, जिसे दाउद का नाम दिया गया, वहीं शुक्लागंज अंबिकापुरम के गौरव शुक्ला को छोटा शकील के नाम से गैंग के अन्य शातिर पुकारते थे। वैभव शुक्ला, फीलखाना के बीए सेकेंड ईयर का छात्र नितिन पांडेय, पीडी नगर उन्नाव में रहने वाले सत्यम सिंह उर्फ शाकाल को गैंग में शामिल किया।
16 से 21 के बीच उम्र
एसपी अनुराग आर्या ने बताया कि आरोपियों की उम्र 16 से 21 साल के बीच है। पुलिस की पूछताछ में गैंग के सरगना राज बाजपेई उर्फ सुल्तान मिर्जा ने बताया कि पढ़ाई में मन नहीं लगने के चलते माता-पिता अक्सर डांटते थे। जेब खर्च के लिए पैसे भी मिलनं बंद हो गए। इसी दौरान मै अपने मित्र राहुल तिवार उर्फ दाउद के साथ वंस अपॉन ए टाइम फिल्म देखने के लिए गया। फिल्म देखने के बाद मैने ठाल लिया कि मुम्बई के मिर्जा बनकर कानपुर में राज करूंगा। आरोपी ने पुलिस को बताया कि फिर मोहल्लों में अपने साथी राहुल के साथ मिलकर रात में घुसकर माल पार करने लगा। पैसे आने लगे तो शौख भी बड़़ गए।
फिर खड़ा कर लिया गैंग
आरोपी ने पुलिस की पूछताछ के दौरान बताया कि अपने अन्य चार साथियों को मिलाकर खुद का गैंग खड़ा कर लिया। दो पहिया से लेकर चार पहिया वाहनों को पार करने लगे। राह चलते लोगों को अपना शिकार बनाया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद सभी शुक्लागंज निकल जाते। वही राहुल ने पुलिस को बताया कि राज से मेरी मुकाकात नौबस्ता में हुई थी। मैं यहां अपने एक रिश्तेदार के घर आया था। राज ने आयाराम-गयाराम की दुनिया में आने का ऑफर दिया, और मैं उसके साथ चल पड़ा। एसपी आर्या ने बताया कि आरोपी इतने शातिर थे कि वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से भागने के बजाए भेष बदल कर आम पब्लिक की तरह पीड़ित की मदद करते थे।
जेल जाते-जाते कह दी बड़ी बात
पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया। जेल जाते वक्त राज ने चिल्ला कर कहा कि कानपुर का डॉन सुल्तान है और ऐसी कोई जेल नहीं बनीं जो मिर्जा को ज्यादा दिन तक अंदर रख सके। पुलिस ने आरोपी को डांट डपक कर शांत कराया। एसपी आर्या ने बताया किक इनमें से एक की उम्र महज 16 साल है और वो ग्हारवीं का छात्र है। उसने हाईस्कूल की एग्जाम प्रथम श्रृणी में उत्तीर्ण किया। लेकिन राज के बहकावे में आकर वो भी गैंग में शामिल हो गए। राज ने उसे शाकाल का नाम दिया था। उसका काम रेकी करना था। कम उम्र और मासूम चेहरे के चलते उस पर कोई शक नहीं करता था। पुलिस ने इनके पास से करीब 25 हजार रूपए नकदी, महंगे मोबाइल और तमंचा और कारतूस के साथ बाइकें बरामद की हैं।