
CAA NRC opposition
एक तरफ दिल्ली की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने सोमवार 11 मार्च को CAA-NRC का नोटिफिकेशन जारी किया। तो वहीं दूसरी तरफ कानपुर जिले में कुछ लोगों की परेशानी बढ़ गई। दरअसल कानपुर पुलिस जिले में वैसे लोगों के दरवाजे पर दस्तक दे रही है। साल 2019 में जिन लोगों ने सीएए और एनआरसी का विरोध किया था। उस समय हुए विरोध प्रदर्शन में पुलिस ने कई लोगों को आरोपी बनाया था। उनमें से कई लोग अभी जमानत पर बाहर हैं। वहीं ऐसे लोगों को अब डर सताने लगा है।
साल 2019 में कानपुर जिले में CAA-NRC के विरोध में हुए प्रदर्शन और हिंसा में कई लोगों को आरोपी बनाया गया था। बाद में उन पर हिंसा में हुए संपत्ति नुकसान को लेकर भारी-भरकम जुर्माना भी लगाया था। वहीं अब उनके घर पुलिस पहुंचने लगी है। दरअसल कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ऐसे लोगों का सत्यापन कर रही है। जो लोग साल 2019 हिंसा के आरोपी थे। उनमें से कुछ मौजूदा समय में जमानत पर बाहर हैं।
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2019 हिंसा मामले में 530 लोगों का जमानत कराने वाले और अदालत में आरोपियों का मुकदमा लड़ने वाले सीनियर वकील नासिर खान ने बताया कि बीते 2 दिनों से लगातार ऐसे लोग संपर्क कर रहे हैं जो 2019 की हिंसा मामले में जमानत पर बाहर हैं। पुलिस उनके घर सत्यापन के लिए पहुंच रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में लगातार अदालत में सुनवाई हो रही है।
वकील का कहना है कि हिंसा के दौरान हुई संपत्ति के नुकसान मामले में जिन लोगों पर प्रसाशन के द्वारा जुर्माना लगाया गया था। साल 2020 में सुप्रीम कोर्ट के आर्डर पर जमा किए गए जुर्माने की रकम वापस करने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन अभी तक संपत्तियों का आकलन नहीं हो सका है। इसी वजह से कुछ लोगों की जुर्माने की रकम अभी तक वापस नहीं हुई है। 4 साल गुजर जाने के बाद भी सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन जिला प्रशासन और जिरह करने वाले लोग नहीं कर पा रहे हैं।
वकील नासिर खान का कहना है कि चेक सरकार के खाते में ले तो लिए गए। लेकिन वापसी के टाइम कुछ के नाम गलत थे। वहीं कुछ की बाकी जानकारी गलत दे दी गई थी। भागदौड़ करने के और जिलाधिकारी को एप्लीकेशन देने के बाद भी फिलहाल कई लोगों पर लगाया हुआ जुर्माना वापस नहीं हुआ है।
Published on:
13 Mar 2024 04:50 pm
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