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कानपुर में पकड़े गए रोहिंग्या के खिलाफ जांच तेज, गिरफ्तारी के बाद दो गायब, मदद करने वालों की तलाश

Kanpur Rohingya, Looking for helper कानपुर में पकड़े गए रोहिंग्या के खिलाफ जांच तेज हो गई है। कॉल डिटेल में दिल्ली का भी संपर्क निकला है। आधार कार्ड में लगाए गए दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। डीसीपी ईस्ट ने बताया कि मददगारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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कानपुर

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Narendra Nath Awasthi

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Updated: 23 May 2025, 8:03 AM IST

शुक्लागंज का मकान और टेंपो (फोटो सोर्स पत्रिका)

फोटो सोर्स पत्रिका

Kanpur Rohingya, Looking for helper कानपुर में पकड़े गए रोहिंग्या के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में कौन से दस्तावेज लगाए गए हैं? किसने तस्दीक की है,? इसकी भी जांच की जा रही है। कॉल डिटेल को भी खंगाला गया है। डीसीपी ईस्ट ने बताया कि पकड़े गए आरोपी मोहम्मद साहिल से पूछताछ की जा रही है। किसके सत्यापन से आधार कार्ड बनाया गया है? इसकी जानकारी लखनऊ से प्राप्त की जा रही है। उन्नाव एसपी से भी पत्राचार किया गया है। साथ रह रही बहन का भारत निवास वैध पाया गया। पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि बरपेटा असम में भी आधार कार्ड बनाने की कोशिश की गई।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के बड़े चौराहे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने म्यांमार निवासी मोहम्मद सोहेल को गिरफ्तार किया था। जो उन्नाव जिले के गंगा घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत शुक्लागंज का रह रहा था। मूल रूप से 'म्यांमार के शिद्दर फरा कयंम डैंग मंगडो का साइडुय का रहने वाला है। जो बांग्लादेश के रास्ते भारत में प्रवेश किया है। पूछताछ के दौरान रोहिंग्या निवासी के पास आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस मिला। जो कानपुर में टेंपो चलाता था और पिछले 8 साल से भारत में रह रहा है।

कॉल डिटेल में 20 नंबर मिले

पुलिस की कॉल डिटेल की जांच में 20 मोबाइल नंबर ऐसे मिले हैं। जिन पर बातचीत हो रही है। इनमें करीब 18 नंबर शुक्लागंज में और दो नंबर दिल्ली के हैं। मोबाइल नंबरों के विषय में जानकारी प्राप्त कर रही है। आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि सभासद के सत्यापन के बाद उसका आधार कार्ड बना है। लेकिन सभासद इस बात से इनकार कर रहा है कि उसने सत्यापन किया है। अब पुलिस आधार कार्ड के संबंध में लखनऊ से जानकारी मांगी। आधार कार्ड का पूरा रिकॉर्ड लखनऊ या बेंगलुरु में सुरक्षित रखा जाता है।

साथ रह रहे दो गायब

मोहम्मद साहिल की बहन ताहिरा बेगम और उसके पति अमीन के दस्तावेजों की भी जांच की गई है। जानकारी हुई की दोनों के पास विदेशी पंजीकरण का फॉर्म 27 मिला है। जो 2027 तक वेद है। लेकिन पूछताछ में जानकारी हुई कि इन्हीं के साथ रह रहे दो लोग कार्रवाई के बाद फरार हो गए।

क्या कहते हैं डीसीपी?

डीसीपी ईस्ट ने बताया कि आधार कार्ड, लाइसेंस की जांच की जा रही है। कॉल डिटेल को भी खंगाला गया है। आधार कार्ड किस आधार पर बनाया गया है? इसके लिए लगाए गए दस्तावेजों की जानकारी लखनऊ ऑफिस से मांगी गई है। मोबाइल नंबरों पर की भी जांच की जा रही है।मदद करने वालों की के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी