
आधी रात में ‘स्त्री’ को देखने गए थे, फिर रवीना अकेले छोडक़र चली गई
कानपुर. आईपीएस सुरेंद्र दास की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मियां-बीवी की खटपट के गवाह करीबी डाक्टर ने मौत के पहले पति-पत्नी के बीच प्यार-तकरार के माहौल को साझा किया है। रीजेंसी अस्पताल के बाहर चर्चा के मुताबिक, बुधवार को मौत को गले लगाने से पहले एसपी-पूर्वी सुरेंद्र दास ने जिंदगी को हसीन बनाने के लिए अंतिम प्रयास किया था। सस्पेंस और थ्रिल के शौकीन आईपीएस ने मल्टीप्लेक्स में लेट नाइट शो देखा था। पत्नी को मान-मनुहार के बाद ‘स्त्री’ दिखाने के लिए रेव-मोती मॉल गए थे। फिल्म की स्क्रिप्ट से रवीना को यह अहसास हुआ कि उसके रवैये का उपहास करने के लिए इस फिल्म को दिखाने लाए हैं, इसलिए दोनों में फिल्म देखने के दौरान बहस होती रही, फिर मॉल के बाहर भी खटपट हुई। डॉक्टर रवीना पैर पटकते हुए अपने पापा के घर चली गई। अगले दिन दोपहर को लौटीं तो फोन करके सुरेंद्र दास को घर बुलाया। इसके बाद फिर झगड़ा हुआ। नतीजा सामने है।
मॉल में मौजूद डाक्टर मित्र ने मियां-बीवी को शांत कराया था
कानपुर पुलिस की बीच चर्चा पर यकीन करें तो सोमवार को सुरेंद्र दास अपनी पत्नी डॉक्टर रवीना सिंह के साथ रेव मोती मॉल में फिल्म देखने गए थे। फिल्म का नाम था ’स्त्री’.... । सुरेंद्र दास और रवीना के कॉमन फ्रेंड एक डाक्टर ने बताया कि सुरेंद्र दास भावुक किस्म के इंसान थे, लेकिन सस्पेंस और थ्रिलर के शौकीन थे। इसी कारण उन्होंने पत्नी की मनुहार के लिए ’स्त्री’ फिल्म को देखने का निर्णय किया था। डॉक्टर रवीना यह फिल्म नहीं देखना चाहती थीं, लेकिन पति की जिद पर वह भी लेट नाइट शो देखने साथ पहुंच गईं। डाक्टर मित्र के मुताबिक, सुरेंद्र दास ने खुद फोन के जरिए उन्हें भी फिल्म देखने का न्योता दिया था। डाक्टर के साथ पत्नी और बच्चे भी फिल्म देखने आए थे। रेव मोती मॉल में रात 10:55 पर ’स्त्री’ फिल्म शुरू हुई। आधी फिल्म गुजरने के बाद आईपीएस और रवीना में बहस होने लगी थी, जोकि फिल्म खत्म होने के बाद भी नहीं रुकी। फिल्म देखने पहुंचे अन्य लोगों के बीच तमाशा बनने से बचने के लिए डाक्टर मित्र ने मियां-बीवी को शांत कराया था।
फिल्म की स्क्रिप्ट से रवीना उखड़ गईं और मायके चली गईं
दावा है कि ’स्त्री’ फिल्म की स्क्रिप्ट ने रवीना का मूड खराब कर दिया। फिल्म में दिखाया गया है कि एक लडक़ी की आत्मा मर्दों को मारकर सिर्फ उनके कपड़े छोड़ जाती है। फिल्मी कहानी वर्ष 1990 के आसपास कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू में फैली अफवाह पर आधारित है। बेंगलुरू में एक अफवाह फैली थी कि एक ‘चुड़ैल’ शहर की गलियों में रात के वक्त मर्दों की तलाश में भटकती है। चुड़ैल लोगों के घरों का दरवाजा खटखटाती थी और मां या पत्नी की आवाज निकालकर पुरुष को बाहर निकलने को मजबूर करती है। यदि आवाज सुनकर पुरुष बाहर आया तो आत्मा अगले 24 घंटे में मौत के घाट उतार देती है। इस स्क्रिप्ट को रवीना ने अपने रवैये पर आईपीएस पति का उपहास समझा और झगड़ा करने के बाद अकेला छोडक़र मायके चली गई।
मंगलवार को लौटकर रवीना ने आफिस से बुलाया और झगड़ा किया
एसपी आवास के सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को देर रात एसपी सुरेंद्र दास अकेले ही सरकारी निवास में लौटकर आए थे। अगले दिन यानी मंगलवार को दोपहर बाद डॉक्टर रवीना मायके से लौटकर आईं। कुछ देर बाद उन्होंने फोन लगाकर आईपीएस सुरेंद्र दास को घर बुलाया। इसके बाद फिर मियां-बीवी में जमकर झगड़ा हुआ। सुरेंद्र दास घर से निकलकर फिर आफिस पहुंच गए। वहां से देर रात लौटे और अगली सुबह सल्फास खाकर मौत को गले लगा लिया।
Published on:
09 Sept 2018 08:44 pm
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