13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कानपुर

कानपुर के एसपी आईपीएस सुरेंद्र दास का सुसाइड लेटर सामने आया, देखिए-पढि़ए क्या लिखा पत्नी के बारे में दर्द भरे खत में

मोबाइल फोन और जिंदगी की जासूसी में जुटी रहती थी सुरेंद्र दास की बीवी डॉ. रवीना

Google source verification

कानपुर. मौत के बाद कानपुर के एसपी-पूर्वी आईपीएस सुरेंद्र दास का सुसाइड लेटर सामने आया है। लाल स्याही से लिखे खत में उन्होंने मौत को गले लगाने से पहले अपनी डाक्टर बीवी रवीना के सामने अपनी सच्चाई को सिलसिलेवार बयान किया है। एसपी ने सुसाइड लेटर में लिखा है कि कैसे बीवी ने जिंदगी को नर्क बना दिया था। उन्होंने अपनी बेगुनाही और प्यार की सच्चाई को बताने के लिए कुछ घटनाओं का भी जिक्र किया है। एसपी की मौत के बाद परिजनों के आग्रह पर प्रशासन ने पोस्टमार्टम के बाद मां-भाई को शव सुपुर्द कर दिया। आईपीएस सुरेंद्र दास का अंतिम संस्कार सोमवार को लखनऊ में होगा। उधर, सुरेंद्र दास के भाई ने स्पष्ट कहा है कि वह अंतिम संस्कार के बाद खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में भाई की पत्नी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगे।


मै झूठा नहीं हूं, लेकिन तुम विश्वास नहीं करती हो

सुसाइड नोट में आईपीएस सुरेंद्र दास ने डियर रवीना के संबोधन के साथ पहली लाइन में लिखा है कि वह झूठे नहीं हैं। उन्होंने अपनी सफाई में कहा है कि जिस वीडियो क्लिप को लेकर झगड़ा किया है, वह क्लिप अपनी सास को भेजने के लिए बनाई थी, लेकिन बाद में सोचा कि ऐसा नहीं करना चाहिए, इसलिए भेजी नहीं। गौरतलब है कि मौत के दो दिन पहले यानी कृष्ण जन्माष्टमी की सुबह एक क्लिप को लेकर आईपीएस सुरेंद्र दास और उनकी पत्नी डॉ. रवीना के बीच सरकारी आवास पर जमकर झगड़ा हुआ था। रवीना के मुताबिक, सुरेंद्र इस क्लिप को अपनी मां के पास भेजना चाहते थे। इस क्लिप में रवीना की शिकायतों और उसके झगड़ा करने के बहानों की कहानी को सुरेंद्र दास ने बयान किया था। इसी क्लिप के बारे में सुसाइड नोट में सुुरेंद्र दास ने लिखा है कि क्लिप आपकी मां यानी सास के पास भेजने के लिए बनाई थी, ताकि वह रवीना को समझाएं, लेकिन बाद में निजी मामले में दूसरे का दखल नहीं होना चाहिए, इसी सोच के कारण क्लिप को भेजा नहीं।


मोबाइल और निजी जिंदगी में जासूसी क्यों करती हो

आईपीएस सुरेंद्र दास ने सुसाइड नोट के दूसरे पैरा में लिखा है कि आजकल बहुत इरिटेट हूं, क्योंकि आत्महत्या के ख्याल आते हैं। तुम विश्वास नहीं करोगी, लेकिन मैं तुम्हें बहुत प्यार करता हूं। मैनें प्यार और तुम्हारे लिए समझौते किए, लेकिन तुमने शक करना नहीं छोड़ा। एसपी ने लिखा है कि कुछ छिपाना होता तो मोबाइल को यूं इधर-उधर नहीं छोड़ता। एसपी ने सुसाइड नोट में लिखा कि चाहता तो कुछ दिन और गुजर सकते थे, लेकिन तुम्हारा रवैया नहीं बदल रहा है। इसलिए गूगल से आत्महत्या करने का स्टूपिड तरीका खोजा और अपने स्टॉफ से चूहे की दवा को मंगाया था, जिसे खाकर जिंदगी का अंत कर रहा हूं।


तुम साथ नहीं छोड़ोगी, इसलिए मैं दुनिया छोड़ रहा हूं

आईपीएस सुरेंद्र दास ने सुसाइड नोट के अंतिम पैरा में लिखा है कि तुम अपना रवैया और मेरा साथ नहीं छोड़ोगी, इसलिए मैं जिंदगी छोडक़र जा रहा हूं। उन्होंने रवीना को समझाते हुए लिखा है कि मैं तुम्हारे खिलाफ नहीं हूं, लेकिन अब बर्दाश्त नहीं होता है। अंतिम लाइन हैं कि मेरी मौत के लिए पत्नी या परिवार का कोई सदस्य जिम्मेदार नहीं है। किसी को परेशान नहीं किया जाए। सुसाइड नोट लिखने के बाद सबसे ऊपर सुरेंद्र दास ने दोबारा लिखा है कि जहर खाकर जा रहा हूं, मौत का जिम्मेदार खुद हूं।