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कानपुर हिंसाः पीएफआई का हाथ होने की आशंका पर भी जांच, मुख्यमंत्री का बड़ा आदेश

Kanpur Violence: कानपुर में हुई हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री कई बड़े निर्देश दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एसआईटी की गठन होगा। पीएफाई के हाथ होने का भी संदेह जताया जा रहा।

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कानपुर के कई इलाकों में हुई हिंसक घटना की जांच के लिए एसआईटी का गठन होगा। एसआईटी घटना के सभी पहलूओं के अलावा पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एंगल पर भी जांच करेगी। साथ ही यह भी पता लगाएगी कि इस घटना को भड़काने के पीछे किसका हाथ है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ज्वाइंट सीपी आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि घटना बहुत गम्भीर है इसकी जांच के लिए एसआईटी के गठन का निर्णय लिया गया है। एसआईटी डीसीपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में की जाएगी। ज्वाइंट सीपी ने बताया कि एसआईटी घटना से जुड़े सभी पहलूओं पर जांच करेगी। नई सड़क पर हुए बवाल के बाद शहर के जाजमऊ, डिफेंस कॉलोनी, नौबस्ता, बर्रा, रावतपुर, रोशन नगर, कल्याणपुर में भी तनाव का माहौल था। पुलिस कमिश्नर ने इन इलाकों में भी नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

पीएफआई के सदस्यों की भूमिका पर संदेह

अधिकारी ने बताया कि एसआईटी पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के एंगल पर भी जांच करेगी। सीएए और एनआरसी के विरोध में हुई हिंसक घटना में पीएफआई के सदस्यों की भूमिका सामने आई थी। जिसमें पांच सदस्यों को जेल भेजा गया था। इनके अलावा पीएफआई के अन्य समर्थकों की भूमिका भी इस घटना को लेकर जांची जाएगी।

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षड्यंत्रकारियों की एकत्रित हो रही जानकारी

घटना के बाद बेकनगंज, चमनगंज, अनवरगंज, बजरिया, सीसामऊ, रायपुरवा समेत आसपास के सभी थानेदारों को ज्वाइंट सीपी ने टास्क सौंपा। उन्होंने थानेदारों को सबसे अच्छे मुखबिर के सम्पर्क में आकर घटना के पीछे षड्यंत्रकारियों के बारे में पता लगाने के निर्देश दिए हैं। जिसके बाद सभी थानेदार देर रात इस टास्क पर लग गए थे।

मुख्यमंत्री ने दिए आदेश

चकेरी एयरपोर्ट पर पीएम नरेंद्र मोदी को विदा करने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहीं पर मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र और डीजीपी डीएस चौहान से नई सड़क बवाल की पूरी जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने हिदायत दी कि बवालियों पर इस तरह से कार्रवाई की जाए कि एक भी दोषी बचे नहीं। उन्होंने अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को फोन कर कहा कि पल-पल की जानकारी करें और बवालियों से सख्ती से निपटें। डीजीपी से कहा कि बवालियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई तो करें ही, साथ ही जितनी सख्त धाराएं लग सकती हैं वो भी लगाई जाएं।

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