
कानपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कार्यक्रम राष्ट्रपति के पैतृक गांव में सुनियोजित था। लेकिन इस दौरान शहर में उपद्रव की स्थिति पैदा सहो गई। देखते ही देखते दो समुदायों में मामला इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी और गोले चलने लगे। देश के सर्वोच्च महामहिम और प्रधानमंत्री की मौजूदगी के बावजूद कानपुर में शुरू हुआ बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। रह-रहकर कई इलाकों में दंगाई पथराव कर रहे हैं। संकरी गलियों में नारेबाजी करते हुए उपद्रवी पुलिस को निशाना बना रहे हैं। पथराव गलियों से रुक-रुककर हो रहा है। घटना में अब तक आधा दर्जन से अधिक लोग घायल है।
सीएम ने दिए कड़े आदेश
कानपुर में हुए बवाल के बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को जल्द हालात को काबू में करने को आदेश दिया है। सीएम ने आदेश दिया है कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा ना जाए। पुलिस कमिश्नर के मुताबिक बवाल में अब तक सात लोग जख्मी हुए हैं। 17 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की धरपकड़ का अभियान छेड़ा गया।
वीवीआईपीज की बढ़ाई गई सुरक्षा
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक अब तक 17 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है। गलियों में भारी पुलिस बल मौजूद है। पूरे शहर में सघन चेकिंग चल रही है। वीवीआईजी के रास्तों में सैकड़ों पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है। संवेदनशील इलाकों में घरों के बाहर बड़ी संख्या पुलिस तैनात हो गई।
पोस्टर चिपकाने के बाद भी पुलिस बेखबर
मिली जानकारी के अनुसार, उपद्रवियों ने सुबह से ही बवाल की भूमिका बना रखी थी। खुफिया विभाग को इसकी भनक भी नहीं लगी। पूरी मार्केट में जगह-जगह पोस्टर चिपकाए गए थे, लेकिन स्थानीय पुलिस इससे बेखबर रही। पुलिस लगातार इलाके के अंदर घुसने की कोशिश कर रही है। हिंसा वाले इलाके में पुलिस फ्लैग मार्च कर रही है। पुलिस ने पूरे परेड इलाके की घेराबंदी कर दी है। वहीं, सपा नेता इरफान सोलंकी ने पुलिस को घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस ने साधा निशाना
कांग्रेस ने कानपुर में हुए इस बवाल को लेकर सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस ने ट्विटर पर लिखा, 'भाजपा ने भीड़तंत्र के रूप में जो भस्मासुर पाले हैं, अब वे रंग दिखा रहे हैं। कितनी गंभीर बात है कि देश के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सभी कानपुर में हैं, उसके बाद भी वहां हिंसा भड़क गई। यूपी में कानून का राज खत्म हो चुका है। आम जनता से अपील है कि कृपया शांति बनाएं रखें।'
Updated on:
03 Jun 2022 06:58 pm
Published on:
03 Jun 2022 06:56 pm
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