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कानपुर हिंसा अपडेट: मुख्तार बाबा पर तीन मुकदमा दर्ज, राम जानकी और शिव मंदिर की जमीन पर किया अवैध कब्जा

कानपुर हिंसा मामले में हो रही एसआईटी जांच में बड़े खुलासे निकल कर सामने आ रहे हैं। बाबा बिरियानी के नाम से मशहूर होटल के मालिक पर तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं। यह सभी मुकदमा फर्जी दस्तावेज बनाकर मंदिर की जमीन पर कब्जा करने को लेकर है। महापौर के निरीक्षण दौरान कई मंदिरों में कब्जे की जानकारी सामने आई थी। अब मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई हो रही है।

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कानपुर हिंसा अपडेट: मुख्तार बाबा पर तीन मुकदमा दर्ज, राम जानकी और शिव मंदिर की जमीन पर किया अवैध कब्जा

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बनारस में ज्ञानवापी विवाद सामने आने के बाद कानपुर की मेयर प्रमिला पांडे ने शहर के अंदर पुराने मंदिरों को संरक्षित करने का अभियान चलाया। जिसके अंतर्गत कई ऐसी प्राचीन मंदिरों की जानकारी मिली जो या तो जर्जर स्थिति में थे या फिर उन पर कब्जा कर लिया गया था। इस संबंध में महापौर ने नगर निगम के अधिकारियों से शहर के अंदर स्थित मंदिरों की सूची भी मांगी थी। लेकिन कानपुर हिंसा के बाद हो रही एसआईटी जांच में मंदिरों में कब्जे को लेकर पाकिस्तान का कनेक्शन भी सामने आ रहा है। जिसका मुख्य सूत्रधार बाबा बिरियानी के नाम से दुकान चलाने वाले मुख्तार बाबा हैं। जिनके ऊपर तीन मुकदमे दर्ज हुए हैं। इनमें राम जानकी मंदिर का भी मामला शामिल है। जिस पर मुख्तार बाबा ने कब्जा करके होटल बनवा लिया है। जबकि चमनगंज में स्थित शिव मंदिर का भी मामला सामने निकल कर आया है।

मुख्तार बाबा मंदिरों की जमीन पर विभागीय लोगों की मिलीभगत से लिखा पढ़ी में कब्जा कर लेता था। जिनके ऊपर बजरिया थाना में दो और चमनगंज में एक मुकदमा दर्ज किया गया है। उपरोक्त मामले में 23 नामजद सहित 26 को आरोपी बनाया गया है। जिसमें एक पाकिस्तान का भी नागरिक है। इनमें एक मुकदमा जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य सैयद अदीबुल कदर ने बजरिया थाने में दर्ज कराया है। जिसमें उन्होंने बताया कि उनके घर के बगल में राम जानकी मंदिर था। मंदिर में 18 हिंदू परिवारों की दुकानें भी थी। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि 1931 के दंगे के बाद सभी दुकानें छोड़ कर चले गए। लेकिन मंदिर का पुजारी लगातार पूजा कर रहा था।

नगर निगम की मिलीभगत से हुआ काम

लेकिन नगर निगम के अधिकारियों कर्मचारियों की मिलीभगत से एक के बाद एक फर्जी कागज तैयार किए गए और जमीन को मुख्तार बाबा की मां हाजरा बेगम के नाम बैनामा करा दिया गया। वसीयत करके जमीन को मुख्तार बाबा, उसका भाई मुस्ताक और मुमताज अहमद के नाम कर दी गई। इस प्रकार मंदिर की जगह होटल खड़ा कर दिया गया। मुख्तार बाबा पर आरोप है कि शत्रु संपत्ति पर इन्होंने पौने दो करोड़ रुपए का लोन भी लिया है। उन्होंने होटल गिराने की अपील की है।

चमनगंज और बजरिया में भी दर्ज हुआ मुकदमा

इसी प्रकार के दो मुकदमे और दर्ज हुए हैं। जिसमें एक चमनगंज थाने में उदय शंकर ने तहरीर देकर दर्ज कराई है। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि मुख्तार उसकी बेटी, बेटों ने प्राचीन शिव मंदिर प्रेम नगर में कब्जा कर लिया है। फर्जी दस्तावेज लगाकर मुख्तार बाबा ने अपनी बेटी नाज आयशा के नाम रजिस्ट्री करा ली। उदय शंकर की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।

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तीसरा मुकदमा बजरिया थाना में दर्ज हुआ

जबकि तीसरा मुकदमा बजरिया थाना में दर्ज हुआ है। यहां पर एहसानुहक की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ है। जिसमें राम जानकी मंदिर ट्रस्ट के अंतर्गत बनी दुकान को लेकर है। जिसमें बताया गया कि मुख्तार बाबा "d2 गैंग" के माध्यम से धमकी देता था। उपरोक्त मामले में मुख्तार बाबा सहित 6 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया।