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नेताअों के शोषण, धोखे की मारी लेडी डॉन

वह पढ़ लिखकर अफसर बनना चाहती थी। क्लास एक से लेकर बारवीं तक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण रही। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी होने लगी, उसके आकर्षण पर बसपा के एक नेता व उसके बेटे की नजर उस पढ़ी

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Ruchi Sharma

May 03, 2016

lady don

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कानपुर. वह पढ़ लिखकर अफसर बनना चाहती थी। क्लास एक से लेकर बारवीं तक प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण रही। लेकिन जैसे-जैसे वह बड़ी होने लगी, उसके आकर्षण पर बसपा के एक नेता व उसके बेटे की नजर उस पढ़ी। कन्नौज की सीमा पर बसे एक गांव की रहने वाली लड़की के साथ नेताओं के रूतबे, शोषण और धोखे का शिकार किया। फिर पुलिस ने लेडी डॉन का तमगा का नाम देकर अपने रजिस्टर पर दर्ज कर लिया।

लेडी डॉन जिंदगी और मौत के बीच आज झूल रही है। हैलट में उसकी हालत बहुत नाजुक है। पिता ने बताया कि उसकी नाक और मुंह से खून बहना बंद नहीं हो रहा है। वह अब हिल-डुल भी नहीं पा रही है और कोई जवाब भी नहीं दे रही। पिता का कहना बसपा नेता के इशारे पर हमारी बेटी ने बसपा नेता व उसके बेटे की ज्यादती का विरोध किया तो उन्होंने पुलिस से मिलकर फर्जी मुकदमे दर्ज करवा दिए।

पुलिस ने भी उसे कुख्यात महिला डॉन के तमगे से पुकारने लगी। लड़की अपने शोषण और अत्याचार की दास्तां सुनाने कानपुर में एक बड़े पुलिस अफसर के सामने पेश हुई थी। अफसर ने उसे न्याय का आश्वासन देकर रवाना किया। परिजनों का कहना है कि घर लौटते वक्त पुलिस ने रास्ते से उसे धर लिया और 30 अप्रैल को उसके पास से नशीला पदार्थ बरामद दिखा दिया। वहीं मामले पर पुलिस का कहना है कि लड़की 30 अप्रैल को कन्नौज के सदरियापुर तिराहा से 500 ग्राम नशीले पदार्थ के साथ पकड़ी गई। लिखापढ़ी में देरी होने के कारण उसे उसी रात 10 बजे कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उसे पुलिस जेल ले जा रही थी तभी वह पुलिस की जीप से कूद गई। 30 अप्रैल की रात ही उसे हैलट में भर्ती कराया गया था जहां अब उसकी हालत बेहद गंभीर है।

बसपा नेता के इशारे पर थाने पर पीटा गया

लड़की के पिता का आरोप है कि पुलिस ने ये सब बसपा नेता के इशारे पर किया। कहा, पहले हमारी बेटी को फर्जी तरीके से नशीले पदार्थ रखने काल आरोप लगाकर गिरफ्तार किया गया, रात में उसे कोर्ट में पेश किया गया। पिता का कहना है कि बेटी को पुलिस कोर्ट से थाने लाई और बसपा नेता के इशारे पर रात में उसकी पिटाई की गई। पिटाई के बाद जब बेटी की जब हालत गंभीर हुई तो पुलिसवालों ने गाड़ी से कूद कर फरार होने की झूठी कहानी बनाकर हैलेट में भर्ती किया। पिता ने सीएम और पीएम से मांग की है कि उसकी बेटी के मामले पर सीबीआई या सीआईडी से जांच कराई जाए और जो भी दोषी हो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
नेताओं-अफसरों पर उठ रही उंगली

इस लड़की की कहानी 2012 से शुरू होती है। उसके परिवार से गांव के एक परिवार की मारपीट हो गई थी। मामले में कुछ नेताओं ने पंचायत कराई और फिर वहीं से लड़की नेताओं के संपर्क में आ गई। फिर यहीं से शुरू हुआ उसके शोषण का सिलसिला। लड़की की मदद करने वाले हाथों ने ही शोषण किया। लड़की की छोटी बहन का कहना है कि उस घटना के बाद एक बसपा नेता के पुत्र के छलावे में आकर उसके पांव बर्बादी की तरफ बढ़ने लगे। बहन ने एमए प्रथम वर्ष का फार्म उस वर्ष इसीलिए भरा कि वह पढ़ाई-लिखाई करके नौकरी करेगी लेकिन नेताओं ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। नतीजतन वह परीक्षा नहीं दे सकी।

शोषण करने वालों की संख्या बढ़ती गई। इसमें कई सफेदपोश और अफसरों तक के नाम बताए जा रहे हैं। बहन ने कोर्ट के आदेश पर नेता के बेटे के खिलाफ रेप का मुकदमा भी दर्ज कराया था जो बाद में खारिज हो गया। इसके बाद पुलिस ने उस पर गैंगस्टर लगा दिया। कई और मुकदमे भी दर्ज हुए।

बसपा नेता ने बेटी को था बुलाया, फंसाया

लड़की के पिता ने बताया कि बसपा नेता के बेटे का उसके घर आना-जाना बढ़ गया था। 30 अप्रैल को घटना वाले दिन भी बसपा नेता का बेटा उसके घर आया और बेटी को यह कहकर साथ ले गया कि पिता ने बुलाया है। आरोप है कि बाद में उसके साथ बलात्कार किया और थानाध्यक्ष कमालगंज को सौंप दिया। पिता का आरोप है कि बसपा नेता के पुत्र तथा पुलिस ने ही
उसकी बेटी को बुरी तरह से पीटा। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसकी बेटी को यदि कुछ हो गया तो वह बसपा नेता के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराएंगे।

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