
सस्ती जमीन पाकर कोलकाता में इकाई लगाएंगे कानपुर के टेनरी मालिक
कानपुर। शहर के टेनरी कारोबारी अब कोलकाता की जमीन पर अपनी यूनिट लगाएंगे। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मिल रही सुविधाओं के मद्देनजर कारोबारी यहां उद्यम लगाने के लिए आकर्षित हुए। कानपुर में टेनरी उद्योग पर छाई अनिश्चितता के चलते कोलकाता में उद्यमियों को नया भविष्य दिख रहा है।
हजार करोड़ का निवेश
बीजीबीएस-२०१९ में शहर के १२ चमड़ा कारोबारियों को तीन-तीन हजार वर्ग मीटर भूखंडों का आवंटन किया गया। शेष उद्यमियों को भी जल्द आवंटन पत्र दिए जाएंगे। ये सभी कारोबारी यहां करीब एक हजार करोड़ रुपए का निवेश करेंगे।
कानपुर से सस्ती जमीन
कोलकाता में उद्यमियों को कानपुर के मुकाबले सस्ती जमीन मिली है। जो भूखंड यहां ५००० से ६००० रुपए वर्ग मीटर में पड़ रहा है वहीं उन्हें कोलकाता में २१५० रुपए वर्ग मीटर में मिल रहा है। इस आयोजन में शहर के ३० से ज्यादा कारोबारी शामिल हुए।
कानपुर में उद्यम का संकट
शहर में टेनरी संचालक बंदी से परेशान होकर पलायन कर रहे हैं। १५ हजार करोड़ के सालाना टर्नओवर वाले उद्योग की बंदी के संकेत मिलने लगे हैं। शहर में चमड़ा उद्योग पर लग रही बंदिशों से परेशान चमड़ा कारोबारी कोलकाता में उद्यम स्थापित करने की तैयारी में हैं। आशंका है कि इस साल ३० से ४० उद्यमी अपनी टेनरियां कोलकाता शिफ्ट कर सकते हैं।
शहर से जाएगा कच्चा माल
उद्यमियों के मुताबिक कोलकाता में टेनरियां चलाने के लिए अगर कानपुर से कच्चा माल कोलकाता जाता है तो भी उत्पादन लागत पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कच्चा चमड़ा कानपुर में उपलब्ध है लेकिन चमड़े से तैयार उत्पाद को ट्रक से कंटेनरों से मुंबई पोर्ट भेजा जाता है। एक ट्रक माल मुंबई भेजने का खर्च ५० हजार आता है। कोलकाता में बंदरगाह होने से मुंबई माल भेजने का खर्चा बच जाएगा।
Published on:
09 Feb 2019 02:05 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
