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कैप्टन को नम आंखों से दी गई विदाई, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर, लगे वंदे मातरम के नारे

लेह में तैनात सेना में जवान की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। तिरंगे में लिपटा शव जब घर पहुंचा तो भारत माता की जय के नारे लगे, वंदे मातरम का उद्घोष हुआ। पिता मास्टर वारंट ऑफीसर के पद पर तैनात है। पत्नी भी कैप्टन के पद पर कार्य कर रही है। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोग उमड़े।

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कैप्टन को नम आंखों से दी गई विदाई, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर, लगे वंदे मातरम के नारे

कैप्टन को नम आंखों से दी गई विदाई, दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर, लगे वंदे मातरम के नारे

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क

कानपुर. सेना की 51 और सी सी यूनिट में तैनात कैप्टन अभिषेक मिश्रा अपनी पत्नी के साथ घूमने के लिए निकले थे। लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह सफर उनका अंतिम होगा। उनकी जिप्सी लेह में दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे कैप्टन अभिषेक मिश्रा की मौत हो गई। जबकि जिप्सी में सवार उनकी पत्नी कैप्टन श्रीलेखा भी साथ थी। दुर्घटना में श्रीलेखा और जिप्सी चालक की जान तो बच गई। घटना की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया। अभिषेक मिश्रा के पिता भी कानपुर में मास्टर वारंट ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। उनकी नियुक्ति चकेरी एयरपोर्ट स्टेशन पर है। मिली जानकारी के अनुसार विगत 14 जनवरी को पेट्रोलिंग के दौरान कैप्टन अभिषेक मिश्रा की जिप्सी अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर पड़ी। लेकिन जिप्सी के खाई में गिरने के पूर्व पत्नी श्रीलेखा और चालक गाड़ी से कूद पड़े। जिससे दोनों की जान बच गई। वही अभिषेक मिश्रा कि हादसे में दर्दनाक मौत हो गई।

मूलत: कन्नौज के रहने वाले थे अभिषेक मिश्रा

कैप्टन अभिषेक मिश्रा मूलत: कन्नौज के तालग्राम निवासी थे। जो सेना की 51 आरसीसी यूनिट में कैप्टन के पोस्ट पर तैनात थे। उनकी पत्नी श्रीलेखा की श्रीनगर में कैप्टन के पद पर कार्य कर रही है। घटना की जानकारी जैसे ही कानपुर पहुंची। घर में कोहराम मच गया। 29 वर्षीय अभिषेक मिश्रा की मौत से परिवार में रोना पटना बच गया।

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गार्ड ऑफ ऑनर के साथ किया गया अंतिम संस्कार

अभिषेक मिश्रा का पार्थिव शरीर रविवार को कानपुर के आदर्श विहार चकेरी लाया गया। जहां बड़ी संख्या में लोगों ने कैप्टन को श्रद्धांजलि दी। उनका अंतिम संस्कार जाजमऊ स्थित सिद्धनाथ घाट पर किया गया। इस मौके पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। मौके पर भारत माता की जय और वंदे मातरम का उद्घोष हुआ।