होरीलाल ने बताया कि जब खेत से मूर्ति निकाली गई तो देखने से साफ़ स्पष्ट हो रहा कि यह हजारों साल पुरानी प्रतिमा है।मूर्ति की नक्काशी इस प्रकार है जैसे सतयुग के मंदिरों व मूर्तियों में होती है। उन्होंने बताया कि मूर्ति को निकाल कर पानी से धुल कर रखा गया है, लेकिन जैसे ही ग्रामीणों को इसकी जानकारी हुई तो वह बड़ी संख्या में आ गए। ग्रामीणों ने फूल,फल व प्रसाद चढ़ाकर पूजा अर्चना शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि विष्णू भगवान की प्रतिमा को स्थापित कराने के लिए हम पांच सौ गज जमीन दे रहे है। जहां पर मंदिर का भव्य निर्माण कराया जाएगा जिसमें पूरा गांव सहयोग करेगा।