
उत्तर प्रदेश के कानपुर में चार दरोगा सहित 8 पुलिस कर्मियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। डीसीपी की जांच के बाद यह कार्रवाई हुई है। मामला घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा चौकी से जुड़ा है। एक प्लांट पर कब्जेदारी को लेकर विवाद चल रहा है। जिस पर पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर आठ लोगों को जेल भेज दिया था। शिकायत कमिश्नर ऑफिस तक पहुंची। जांच में निकाल कर सामने आया कि पुलिस ने विवादित प्लांट के संबंध में ना तो किसी पक्ष के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की और ना ही किसी अधिकारी को इस संबंध में जानकारी दी। डीसीपी साउथ की जांच में बिना पर्याप्त साक्ष्य के आठ लोगों को जेल भेजने का आरोप सही पाया गया। इसके बाद चार दरोगा सहित 8 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया।
घाटमपुर थाना क्षेत्र के पतारा गांव में राम लखन तिवारी पुत्र स्वर्गीय चंद्रिका प्रसाद तिवारी ने एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि विवादित प्लांट पर निर्माण करने के लिए 10 लख रुपए की रंगदारी मांगी जा रही है। 25 जुलाई को राम लखन तिवारी की तहरीर पर घाटमपुर थाना पुलिस ने संगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर 8 अभियुक्तों को नामजद किया था।
जिसमें ओमप्रकाश यादव पुत्र रामलाल, अजीत पुत्र ओमप्रकाश निवासी गाना केवड़िया थाना घाटमपुर, सतीश पुत्र योगेश, राहुल सिंह पुत्र स्वर्गीय बृज किशोर निवासीगढ़ शास्त्री नगर थाना काकादेव, पवन कुमार पुत्र महेश कुमार निवासी आवास विकास कॉलोनी कल्याणपुर, निखिल कुशवाह पुत्र गुरु वचन कुशवाहा निवासी रावतपुर, परशुराम पुत्र देशराज निवासी उदयपुर थाना साढ, संजीव कुशवाहा पुत्र ओंकार निवासी गणेश नगर रावतपुर रावतपुर थे।
जिसकी विवेचना उप निरीक्षक संकित तोंगड़ ने की। पुलिस जांच में जानकारी हुई कि विवादित प्लांट के संबंध में किसी पक्ष के विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई नहीं की, ना ही किसी अधिकारी को जानकारी दी गई। पतरा पुलिस ने एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए सभी आठ नामजद आरोपियों को जेल भेज दिया।
ओमप्रकाश की पत्नी रामदेवी ने अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिण को शिकायती पत्र देकर जांच की मांग की। अपनी तहरीर में उन्होंने बताया कि बिना किसी जांच और साक्ष्य के आठ लोगों को जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। डीसीपी की जांच में शिकायत सही पाई गई।
कमिश्नरेट पुलिस ने बताया कि उप निरीक्षक जयवीर सिंह, उप निरीक्षक संकेत तोंगड़, उप निरीक्षक आशीष चौधरी, उप निरीक्षक शिवशरण शर्मा, मुख्य आरक्षी प्रथम सिंह, आरक्षी जितेंद्र, आरक्षी कुबेर, आरक्षी पंकज सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में गहनता से जांच करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
Published on:
09 Aug 2024 08:52 am
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