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कान में किसी ने कहा….तो युवक ने अपने सिर के बीच में ठोक ली कील; जादू-टोना या फिर कुछ और?

Kanpur News: एक शख्स ने अपने सिर के बीच में 3 इंच कील ठोक ली। डॉक्टर्स को कील निकालने के लिए ड्रिल मशीन की मदद लेनी पड़ी। जानिए ये पूरा मामला क्या है?

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युवक ने अपने सिर के बीच में ठोक ली कील। फोटो सोर्स-Ai

Kanpur News: एक शख्स ने अपने सिर में 3 इंच की कील ठोक ली। मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले का बताया जा रहा है। डॉक्टर्स ने सर्जरी के बाद सफलतापूर्वक शख्स के सिर से कील को निकाला। जिससे उसकी जान बच सकी।

शख्स करने लगा अजीबोगरीब बातें

हालांकि उत्तर प्रदेश के कानपुर का फतेहपुर निवासी शख्स अब अजीबोगरीब बातें करने लगा है। शख्स का कहना है कि उसके कान में कोई कुछ ना कुछ बोलता रहता है। उसी ने शख्स पर कील ठोकने का दबाव बनाया जिसके बाद शख्स ने सिर में कील ठोक ली।

कील ठोकने लिए बनाया गया दबाव

शख्स ने बताया कि जब उसने कील नहीं ठोकी तो कोई उसके कान में बार ऐसा करने के लिए दबाव बनाने लेगा। पहले उसे कील ठोकने के लिए धीरे से कहा जाता बाद में जोर-जोर से कील ठोकने के लिए कहा। जिसके बाद उसने कील ठोकने का निर्णय लिया।

न्यूरोकेमिकल्स की गड़बड़ी का मामला

शख्स हैलट PGI के न्यूरो विभाग में भर्ती है। साइकोसिस रोगी 21 साल का विजय कुछ पूछने पर इसी बात को बड़बड़ता है। शख्स ने 17 जुलाई को अपने सिर में 3 इंच लंबी कील ठोक ली। डॉक्टर का कहना है कि नशे का बेइंतहा इस्तेमाल और न्यूरोकेमिकल्स की गड़बड़ी का ये मामला है। कई बार गांवों में ऐसे रोगियों को भूत-प्रेत, जादू-टोने का शिकार तक मान लिया जाता है।

ड्रिल मशीन की मदद से निकाली कील

डॉक्टर्स की माने तो शख्स की हालत में फिलहाल सुधार है। न्यूरो विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह की देखरेख में विजय का ऑपरेशन किया गया। कील शख्स के सिर के बीच में धंसी थी। कील शख्स के सिर की त्वचा, हड्डी और दिमाग की 3 सुरक्षा लेयर यानी ड्यूरा, अराकनॉइड और पिया मेटर को भेदते हुए नसों तक पहुंच गई। डॉ. मनीष का कहना है कि शख्स के सिर से कील निकालने के लिए ड्रिल मशीन उसके सिर पर चलानी पड़ी। बेहद सावधानी से शख्स की सर्जरी की गई।

क्या है साइकोसिस बीमारी

GSVM मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभागाध्यक्ष डॉ. धनजंय चौधरी का कहना है कि ज्यादा शराब या नशा करने की वजह से व्यक्ति पागलपन का शिकार होकर साइकोसिस की चपेट में आ सकता है। इस बीमारी से पीड़ित रोगी यथार्थ और कल्पना के बीच अंतर नहीं कर पाता। रोगी का व्यवहार भी असमान्य हो जाता है। उसे कानों में आवाज सुनाई देती है। ज्यादा तनाव और नींद की कमी से बीमारी बढ़ सकती है।

सिर में कील ठोकने वाली बात का जिक्र शख्स ने किसी से भी नहीं किया था। उसे मिर्गी के दौरे आने लगे तो परिजन उसे डॉक्टर के पास लेकर गए। जहां पूरे मामले का खुलासा हुआ।