
कारागार मंत्री मेरे चचिया ससुर, हाथ लगाया तो करवा दूंगा सस्पेंड
कानपुर। नौबस्ता थानाक्षेत्र स्थित नशे में धुत युवक लग्जरी कार को हवा में दौड़ा रहा था। इसी दौरान कार असुंलित होकर एनोवा से भिड़ गई। नशे में धुत दबंग कार से उतरा और उल्टे एनोवा कार चला रहे युवक की पीटने लगा। इसी दौरान वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद डायल-100 के सिपाही आ गए और दबंग को दबोच लिया। वह पुलिसवालों से भिड़ गया। नशेबाज ने अपने आप को जेल मंत्री जय कुमार सिंह जैकी का दमाद बता खाकी पर रौब झाड़ने लगा और सस्पेंड कराने की धमकी दी। पुलिसवाले भी मंत्री का रिश्तेदार समझ कर उसे शांत कराने लगे, लेकिन वह अपशब्द बकने लगा, तभी लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। किसी तरह से पुलिस ने उसे पब्लिक के हाथों से छुड़ाया और थाने ले गई।
सिपाही भी सुनते रहे अपशब्द
नौबस्ता थाना क्षेत्र का रहने वाला गौरव अपनी कार से घर जा रहा था। गौरव कार से जैसे ही हाइवे के नीचे पहुंचा वैसे ही पीछे से आयी एक लक्जरी कार ने उसकी कार में टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद लक्जरी कार से नशे में धुत विनोद पटेल नाम का आदमी नीचे उतरा और गाली बकने लगा। गौरव ने विरोध किया तो दबंग उसे पीटने लगा। मौके पर मौजूद डायल 100 के सिपाहियों ने जब उसको समझाने का प्रयास किया तो वह जेल मंत्री जय कुमार सिंह जैकी को अपना रिश्तेदार बताने लगा। डायल 100 के सिपाही जब उसको अपनी गाडी में बैठाने लगे तो नशेबाज उनको भी अपशब्द बकने लगा, लेकिन मंत्री का रिश्तेदार बताने की वजह से पुलिस भी मूक दर्शक बनी रही।
पब्लिक ने उतार दिया नशा
नशेबाज विनोद पटेल ज्यादा अपशब्द बोलने लगा तो लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद विनोद पटेल को लोगों से छुड़ाया और उसे थाने ले गए। थाने में दबंग ने किसी से फोन के जरिए पुलिस की बात कराई। जिसके बाद पुलिस बैक फुट पर आ गयी और दोनों के बीच ं समझौता करा दिया। गौरव ने बताया कि विनोद शराब पीकर कार चला रहा था और उसने मेरी कार में टक्कर मारी। पुलिस को दबंग के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन एक फोन आने के बाद पुलिसवाले उल्टा मुझे दोषी बता जेल भेजने की धमकी देने लगे।
समझौता नहीं किया तो भेज देंगे जेल
गौरव ने बताया कि हादसे के चलते उसकी कार पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। मैने पुलिस को तहरीर देका विनोद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा, लेकिन एक काल आने के बाद उल्टा खाकीधारी मुझे दोषी बताने लगे। पुलिस ने समझौते का दबाव बनाया। मैंने कार्रवाई की बात कई तो पुलिसवालों ने जेल भेजने की धमकी देने लगे। खाकी को देख मैं डर गया और समझौता करना पड़ा। नौबस्ता थानाध्यक्ष ने बताया कि दो कारें आपस में भिड़ गई थीं। दोनों चालकों ने पुलिस को तहरीर नहीं दी। खुद समझौता कर चले गए।
Published on:
04 Jun 2018 03:22 pm
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