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पकड़ी गई कॉलगर्ल ने किए खुलासे, कई राजनेताओं और व्यापारियों का था संरक्षण

सीटीएस बस्ती से लेकर नेपाल और बंगाल तक जुड़े हैं तारकॉल डिटेल से लेकर बैंक अकाउंट तक जांच रही पुलिस

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पकड़ी गई कॉलगर्ल ने किए खुलासे, कई राजनेताओं और व्यापारियों का था संरक्षण

पकड़ी गई कॉलगर्ल ने किए खुलासे, कई राजनेताओं और व्यापारियों का था संरक्षण

कानपुर। शहर के कल्याणपुर इलाके में आवास विकास अंबेडकरपुरम में पकड़े गए हाईप्रोफाइल कॉलगर्ल रैकेट में कई सफेदपोश नेताओं और बड़े व्यापारियों के नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस को शक है कि उनके संरक्षण के बिना इतने बड़े पैमाने पर यह काला कारोबार चलाना मुश्किल है। इसलिए पुलिस पकड़े गए लोगों की कॉल डिटेल के साथ-साथ उनके बैंक अकाउंट को भी खंगाल रही है। एसपी पश्चिमी डॉ अनिल कुमार ने बताया स्कार्ट सर्विस पर परी डाट कॉम नाम की साइट से रैकेट का संचालन किया जा रहा था। इसमें मणिपुर, त्रिपुरा, अरुणांचल प्रदेश के अलावा, नेपाल, थाईलैंड और जापान तक की लड़कियां शामिल हैं। बाहर से आने वाली युवतियों का दिल्ली में आधार कार्ड बनाया जाता है।

संचालक समेत आठ से हो रही पूछताछ
पुलिस ने छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल और नेपाल की तीन कॉलगर्ल समेत आठ को गिरफ्तार किया था। संचालक प्रमोद गुप्ता उर्फ सोनू के मोबाइल की जांच में सामने आया है कि वह शहर के कई बड़े नेताओं और रसूखदार के साथ ही व्यापारियों के संपर्क में था। एक दर्जन से अधिक कॉलगर्ल वेबसाइट सक्रिय एसपी पश्चिम की सर्विलांस सेल की जांच में सामने आया है कि कल्याणपुर का सेक्स रैकेट तो महज नमूना है। इससे भी हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट चल रहा है। विदेश तक की कॉलगर्ल सिर्फ एक क्लिक पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसमें रुपए का लेन-देन भी ऑनलाइन हो रहा है। इसके चलते पुलिस का खुलासा करने में मुश्किल हो रही है। पुलिस एक दर्जन से अधिक वेबसाइटों की जांच कर रही है।

सीटीएस बस्ती से जुड़े हैं तार
पुलिस को यह भी पता चला है कि हाईप्रोफाइल सेक्स रैकेट के तार सीटीएस बस्ती से भी जुड़े थे। वह सीटीएस में रहने वाली कॉलगर्ल को भी अपने ठिकानों पर भेजकर मोटी कमाई करते थे। कॉल डिटेल की जांच में यह बात सामने आई है। सेक्स रैकेट के संचालक ने बताया कि सीटीएस बस्ती की कई कॉलगर्ल को अच्छे कपड़े और उनका मेकअप करके अपने गैंग में शामिल किया था।

एजेंट के जरिए पहुंचते थे कस्टमर
देश के बाहर से आई लड़कियां लोकल ग्राहकों से सीधा संपर्क करने में डरती हैं। इसलिए एजेंट 30-40 फीसदी कमीशन पर उन्हें कस्टमर तक पहुंचाते हैं। ग्राहक उनकी साइट पर ऑनलाइन बुकिंग करते हैं या दिए गए नंबर पर मैसेज करने पर एजेंट खुद उनसे संपर्क कर लेते हैं। यहां से अलग-अलग शहरों में फैले एजेंट उनकी बुकिंग करते हैं, जिसके लिए प्रति घंटे तीन से पांच हजार रुपये रेट लगता है। पूरे दिन या रात का पैकेज लेने पर डिस्काउंट दिया जाता है।

विदेशी महिलाओं की तलाश
इंस्पेक्टर कल्याणपुर अजय सेठ ने बताया कि अरुणांचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम सहित पर्वतीय क्षेत्र की महिलाओं की तस्करी करके उन्हें इस धंधे में धकेला गया। इसकी जानकारी पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में मिली है। इंस्पेक्टर का कहना है कि मानव तस्करी के जाल में फंसी महिलाओं का पता लगाने के साथ तस्करों के गिरोह तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।