
कानपुर में कालिया नामक बंदर को उम्रकैद की सजा मिली है। उसको 5 साल से कानपुर के चिड़ियाघर में बंद रखा गया है। यह बहुत आक्रामक हो गया था। यह अभी तक 250 से ज्यादा लोगों को घायल कर चुका है।
आप लोगों ने इंसानों को उम्रकैद मिलने की सजा तो बहुत सुनी होगी, लेकिन आज सुनिए एक बंदर को उम्रकैद मिलने की कहानी। बंदर कालिया पहले मिर्जापुर में रहता था। 5 साल पहले कालिया ने मिर्जापुर में बहुत आतंक मचा रखा था। इसके बाद उसे मिर्जापुर से कानपुर लाया गया। 5 सालों से कालिया चिडियाघर में ही बंद है।
मांश खाता था और शराब पीता था कालिया
बताया जाता है कि इस बंदर को मिर्जापुर में एक तांत्रिक ने पाला था। तांत्रिक बंदर को खाने में मांश देता था। पीने में शराब देता था।तांत्रिक की मौत के बाद बंदर बहुत आक्रामक हो गया। इसने अब तक 250 से अधिक लोगों पर हमला किया है। इसके अलावा ये महिलाओं को गंदे इशारे भी करता था। ख़ास तौर पर महिलाएं और बच्चे कालिया के नाम से दहशत खाते थे।
तमाम कोशिशों के बाद भी बंदर को पकड़ा नहीं जा सका। उसके बाद कानपुर प्राणी उद्यान की टीम ने बहुत मुश्किलों के बाद उसको मिर्जापुर से पकड़ा। तब से अब तक, कालिया कानपुर में ही बंद है।
कालिया के अन्य साथियों को किया गया मुक्त
5 साल कैद में रहने के बाद भी, कालिया के व्यवहार में कोई सुधार नहीं आया है। वह अब भी पहले की तरह आक्रामक है। इसी कारण, कालिया को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। उसके साथ बंद कई और जानवरों में सुधार देखकर उन्हें मुक्त कर दिया गया है लेकिन वो अब भी कैद है। पशु चिकित्सक डॉक्टर मोहम्मद नासिर के मुताबिक ये बंदर खुले में छोड़ने लायक बिलकुल नहीं है। डॉक्टर के अनुसार इसके आगे के दांत बहुत पैने हैं, जिससे वह लोगों का मांस उखाड़ लेता है।
Updated on:
27 Nov 2022 03:41 pm
Published on:
27 Nov 2022 03:34 pm
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