रविवार तड़के 3:10 बजे इंदौर से पटना जा रही 19321 इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बों के पटरी से उतरने से ये हादसा हुआ। इसे हाल के समय की सबसे भीषण रेल दुर्घटना बताया जा रहा है। हादसे की वजह से ट्रेन के एस-1 और एस-2 डिब्बे एक-दूसरे में घुस गए जिस कारण इन्हीं डिब्बों के सबसे ज्यादा मुसाफिरों की मौत हुई। इसके अलावा बी-3 और एस-4 डिब्बों को भी गंभीर नुकसान पहुंचा। एस-2 में फंसे कई यात्रियाें काे जिंदा निकाला गया, लेकिन एसी के बी-3 बाेगी में यात्रा कर रहे सीट नंबर-27 से 62 तक अभी तक केवल एक युवक काे ही बचाया जा सका है, जबकि उसकी हालत भी गंभीर बनी हुई है। हादसा इतना जबर्दस्त था कि गहरी नींद में सो रहे ज्यादातर मुसाफिरों ने भी डिब्बों को पटरी से उछलता हुआ महसूस किया। डिब्बों के बीच फंसे यात्रियों को निकालने के लिए गैस कटर का इस्तेमाल किया गया। सेना, एनडीआरएफ और राज्य पुलिस की मदद से बचाव एवं राहत कार्य में लगे रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि मरने वालों की तादाद हर घंटे बढ़ती जा रही थी। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद के मुताबिक, अब तक 147 लोगों के शवों का पता चल पाया है।