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बंधक परिवार ने खोला बड़ा राज कहा गौशाला संचालिका चलाती थी सेक्स रैकेट

गांव के रहने वाले एक परिवार ने गौशाला संचालित साध्वी शालिनी शुक्ला पर सेक्स रैकेट चलाने जैसे गम्भीर आरोप लगाते हुए एक बड़ा खुलासा किया है।

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बंधक परिवार ने खोला बड़ा राज कहा गौशाला संचालिका चलाती थी सेक्स रैकेट

कानपुर देहात-जनपद के शिवली थाना क्षेत्र के गांव केशरी निवादा में दो दिन पूर्व दिन युवती की शिकायत पर पुलिस ने संचालित गौशाला से एक ही परिवार के करीब आधा दर्जन बंधक लोगों को मुक्त कराया था। जिसके बाद अब गांव के रहने वाले एक परिवार ने गौशाला संचालित साध्वी शालिनी शुक्ला पर सेक्स रैकेट चलाने जैसे गम्भीर आरोप लगाते हुए एक बड़ा खुलासा किया है। उसने बताया कि मदद के लिए जब हम लोग आश्रम में पहुंचे तो हमारे पूरे परिवार को संचालिका शालिनी ने बंधक बना लिया था। तीन महीनो से गौशाला में मेरा पूरा परिवार बंधक रहा है। इस बीच बंधक बनाकर वह हैवान हमलोगों से मजदूरी कराते थे और गौशाला का पूरा काम न करने पर धमकी देते थे।

युवती ने चंगुल से निकलकर की थी शिकायत

केशरी निवादा गांव के रहने वाले नरायन शर्मा का आरोप है कि मेरे बेटे को किसी मामले में फंसाये जाने को लेकर साध्वी शालिनी के पास मदद के लिए मेरा पूरा परिवार गया था लेकिन जब हम उस गौशाला में पहुचे तो मदद तो नही मिली बल्कि हमारे पूरे परिवार को बैठा लिया गया। इसके बाद घर न जाने की धमकी दी और गौशला में कैद कर गौशाला का काम करने को कहा गया। वहीं प्रत्येक दिन मारपीट कर पूरा काम कराया जाता था। इस गौशाला को संचालित कर रही साध्वी शालिनी शुक्ला द्वारा बंधक बने परिवार की ही एक लडकी जब शौच के बहाने भागकर शिकायत करने पहुंची। इसके बाद गांव वाले और पुलिस की मदद से सभी को गौशाला से मुक्त कराया गाया।

पुलिस की दिखी हीलाहवाली

हालांकि बंधक बने परिवार वालो ने पुलिस को शरीर पर चोटों के निशान दिखाए थे लेकिन पुलिस नें पूरे मामले को ही बदल दिया। पुलिस की माने तो जो एफआईआर लिखी गई है, वह काम करने के बदले सैलरी न देने को लेकर लिखी गयी है। वहीं जब पीडित परिवार से पूरे मामले की जानकारी ली तो पूरी बात सुनकर होश उड़ गए। बंधक बने परिवार का कहना है कि यहां गौशाला के नाम पर सेक्स रैकेट का धंधा संचालित किया जाता है। गौशाला में आए दिन बडी-बडी गाडियां भी आया करती है लेकिन पुलिस फिर भी पुलिस द्वारा सबकुछ अनदेखा किया जाता है। पीडित लडकी का कहना है कि हमारे साथ मारपीट किया करते थे। यहां तक कि हमारे बच्चे धूप में लेटे रहते थे, जब उनके पास जाते तो हमें उनके पास नही जाने दिया जाता था।

गौशाला के नाम से चलता था सेक्स रैकेट

गौशाला के अन्दर असलाहधारी भी रहा करते है, जिनके भय से कोई भागने की हिम्मत नही जुटा पाता है। वही बन्धक बनी लडकी का कहना है कि गौशाला संचालिका तिंरगा नाम से एक गैंग भी चलाती है, जो सेक्स रैकेट को आगे बढाता है। उसी गांव के ही रहने वाले कुलदीप का कहना है कि नरायन शर्मा का लडका किसी मामले में फस गया था, जिसकी मदद के लिए वह साध्वी शालनी शुक्ला के पास गए थे, जिनको बंधक बनाया था। शौच के बहाने नरायन की बेटी उस हैवान संचालिका के चंगुल से भागकर मुक्त हुई थी, जिसके बाद हम गांव वालो और पुलिस की मदद से उस परिवार को निकाला गया था। गौशाला के जरिये साध्वी शालिनी शुक्ला सेक्स रैकेट चलवाती है, कई नेता भी आते है लेकिन पुलिस कोई कार्यवाही नही करती है।