गंगा स्नान के बाद जब दंपति घर वापस जा रहे थे, तभी एक नवजात शिशु झांड़ियों में दिखा। ललिता उसे लेकर रमईपुर आ गई। ललिता ने उस बच्चे का नाम कान्हा रखा। बड़ी लगन से उसका पालन पोषण किया। कान्हा 10 साल की उम्र में पिता के साथ बाजार गया, तभी उसको एक महिला अगवा कर ले गई। दंपति ने उसकी खोज खबर की, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 30 साल बीत जाने के बाद भी ललता का कान्हा वापस नहीं आया। ललता श्रीकृष्ण के जन्म पर वह इसी इंतजार में रहती है कि उसका कान्हा आएगा, यशोदा मां कहकर गले लग जाएगा।
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