18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

30 साल से कान्हा के इंतजार में यह ‘यशोदा मां’, जन्माष्टमी के दिन मिले थे श्री कृष्ण

इस यशोदा ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी त्योहार पर व्रत तो रखा, लेकिन रात 12 बजे खुशी की जगह उसके आंख से आंसू बहते रहे।

3 min read
Google source verification

image

Sudhir Kumar

Aug 26, 2016

Krishna Janmashtami 2016

Krishna Janmashtami 2016

कानपुर. एक तरफ जहां पूरे देश में भगवान श्री कृष्ण का 5242 वां जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया वहीं, कानपुर के रमईपुर निवासी ललता देवी (66) ने भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार पर व्रत तो रखा, लेकिन रात 12 बजे खुशी की जगह उसके आंख से आंसू बहते रहे। ललता की शादी 1970 में शिवसागर के साथ हुई थी। शादी के छह साल तक ललता मां नहीं सकी तो पति-पत्नी श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के दिन 1976 में कानपुर के तिवारी घाट स्थित गंगा में स्नान के लिए आए थे।

यह भी पढ़ें- इन 6 चीजों में बसते हैं भगवान, घर में रखें तभी आएंगे वार्ना नहीं आएंगे श्री कृष्ण

गंगा स्नान के बाद जब दंपति घर वापस जा रहे थे, तभी एक नवजात शिशु झांड़ियों में दिखा। ललिता उसे लेकर रमईपुर आ गई। ललिता ने उस बच्चे का नाम कान्हा रखा। बड़ी लगन से उसका पालन पोषण किया। कान्हा 10 साल की उम्र में पिता के साथ बाजार गया, तभी उसको एक महिला अगवा कर ले गई। दंपति ने उसकी खोज खबर की, पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन 30 साल बीत जाने के बाद भी ललता का कान्हा वापस नहीं आया। ललता श्रीकृष्ण के जन्म पर वह इसी इंतजार में रहती है कि उसका कान्हा आएगा, यशोदा मां कहकर गले लग जाएगा।

अगर आप को अपने बिगड़े काम बनाना है तो विडियो में देख कर राशि के अनुसार पूजा करके फल पा सकते हैं-


गम में पति की हो चुकी है मौत

कान्हा के गुम हो जाने से ललता के पति बीमार पड़ गए और इलाज के दौरान 29 साल पहले मौत हो गई। पति और कान्हा के चले जाने से ललता टूट चुकी थी, उसे आस है कि एकदिन उसका बेटा जरुर आएगा और मौत के बाद चिता को आग वही लगाएगा। ललता ने बताया कि मैं तो उसकी यशोदा मां ही थी, क्योंकि वह मेरे कोख से नहीं जन्मा था। मुझे वह झाड़ियों में मिला था। ललता ने बताया कि जब हम नन्हें कान्हा को घर लेकर आए थे तो पहले परिजन उसे अपनाने को तैयार नहीं हुए, लेकिन जब पति अड़ गए तो सभी उसे रखने के लिए राजी हुए। ललता ने बताया कि कान्हा पढ़ने अव्वल था, मोहल्लेवालों का प्यारा था।

यह भी पढ़ें- प्रकट हुए नटखट गोपाल, रिजर्व पुलिस लाईन में पहुंचेंगे राज्यपाल और CM अखिलेश
यह भी पढ़ें- श्रीकृष्ण जन्म अष्टिमी पर 52 साल बाद बन रहा त्रिगुण संयोग, यह है शुभ पूजा का समय

जन्माष्टमी पर मनाते हैं कान्हा का जन्मदिन

पड़ोसी रमजानी ने बताया तीस साल पहले जिस तरह से यशोदा (ललता) का कान्हा गायब हो गया था, इसके चलते वह डिप्रेशन में रहने लगी थी। लेकिन हमलोग उसे ढांढस बंधाते रहे कि आज नहीं तो कल कान्हा जरुर आएगा। जब ललता का कान्हा था तब भी हमलोग श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन ही उसका जन्मदिन बड़े धूमधाम से मनाते थे। रमजानी ने बताया कि जिस से ललता का बेटा गुम हुआ उस साल हमने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी त्यौहार नहीं मनाया था। लेकिन ललता बहन ने व्रत और पूजा पाठ आंख से आंसू बहाते हुए किया था।

यह भी पढ़ें- इस मंदिर में मंगल आरती से शुरू होगा कान्हा का जन्मदिन
यह भी पढ़ें- श्री कृष्ण की दीवानी हुईं मुलायम की छोटी बहू अपर्णा, कान्हा को गोद में खिलाने को बेताब

बांके बिहारी मंदिर मनाया था जन्माष्टमी

ललता की उम्र ढल गई है लेकिन उसे आज भी अपने कान्हा के घर लौटने की आस है। वह पिछले साल गांव के ही कुछ लोगों के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन वृंदावन गई थी। जहां पर ललता ने रोते हुए कान्हा का जन्मदिन मनाया था। ललता ने बताया कि बांके बिहारी से मन्नत मांगी थी कि आप तो अपनी यशोदा मां के घर से निकले तब से वापस नहीं गए। लेकिन मेरे कान्हा को मेरे घर पहुंचा दें। ललता ने कहा कि जिस महिला ने पति के आंख के नीचे से मेरे बेटे को ले गई उसकी खोज हमने और पुलिस ने की, लेकिन वह हवा की तरह ओझल हो गई।

यह भी पढ़ें- डेंगू के डंक से भगवान भी डरे, जन्म के बाद मच्छरदानी में रखे जायेंगे श्री कृष्ण
यह भी पढ़ें- janmashtami-2016-1382891/">लाखों युवतियों से छेड़छाड़ करने वाले इस चोर के साथ सेल्फी लेने के व्याकुल हैं लोग

इकलौता चिराग था कान्हा

ललता ने बताया कि कान्हा हमारे परिवार का कुल था। हमारे पति के छोटे भाई के सिर्फ एक बेटी है, जो दिव्यांग है। वहीं जेठ के कोई संतान नहीं है। ललता के देवर रमेश ने बताया कि जब से कान्हा गुम हुआ है हमारे घर से रौनक ही चली गई है। भगवान के आशीर्वाद से धन दौलत सब कुछ है लेकिन कुल का कोई चिराग नहीं है। राजेश के मुताबिक मोहल्लेवाले, रिश्तेदार ने हमें सलाह दी थी कि एक बच्चा गोद ले लें, लेकिन भाभी ने इंकार कर दिया। भाभी का मानना है कि हमारे कुल का एक ही दीपक कान्हा है जो एकदिन जरूर वापस आएगा।

ये भी पढ़ें

image