
सेना पर भारी पड़े जोशी, बैरंग वापस लौटे फौजी
कानपुर। कैंट थानाक्षेत्र के बनिया बाजार में सेना की जमीन पर लोगों ने मकान बनवा लिए और पिछले कई सालों से वहां पर रहे थे। सेना ने उन्हें नोटिस देकर जगी खाली करने का अल्टीमेटम दिया, लेकिन लोग टस के मस नहीं हुए। इसी के बाद बिग्रेडियर के नेतृत्व में सेना के जवान मंगलवार को इलाके में पहुंचे और जैसे ही कार्रवाई शुरू की, वैसे ही दिल्ली से रक्षा सचिव संजय मित्रा का फोन बिग्रेडियर के पास आया और उन्हें अपने पैर वापस खीचने पड़े। फौजी खाली हाथ बैरंग में लौट गए।
क्या है पूरा मामला
कैंट विधानसभा क्षेत्र के बनिया बाजार स्थित सेना की जमीन पर 200 से ज्यादा परिवारों ने घरों का निर्माण करवा लिया और कई सालों से रह रहे थे। सेना ने जमीन खाली कराए जाने के कई प्रयास किए, लेकिन सफलता हाथ नहीं मिली। लोगों के विरोध के साथ राजनेताओं के हस्ताक्षेप के बाद हरबार सेना को अपने पैर वापस करने पड़े। लेकिन नवंबर में सेना ने नोटिस के जरिए 4 दिसंबर तक हर हाल में जमीन खाली करने का अल्टीमेटम दे दिया था। दोपहर के वक्त सेना के जवान लाव-लश्कर के साथ बनिया बाजार पहुंचे। इस बीच वहां पर भीड़ जमा हो गई। इस दौरान महिलाएं सेना के सामने आ गई। पर सेना ने जैसे ही दबाव बनाया तो लोगों ने स्थानीय पार्षद को बुला लिया।
सांसद के पीआरओ को किया फोन
पार्षद सुमित तिवारी ने सेना के अफसरों से बात कर उन्हें मकान नहीं गिराए जाने की गुहार लगाई, पर वो मानने को तैयार नहीं हुए। इसी बीच पार्षद ने सांसद मुरली मनोहर जोशी के सिविल लाइंस स्थित कार्यालय के प्रभारी ललित सिंह को फोन पर सारी बात बताई। उन्होंने तत्काल डॉक्टर जोशी तक यह बात पहुंचाई तो सांसद ने दिल्ली स्थित रक्षा सचिव संजय मित्रा से बात कर कार्रवाई रोकने की मांग की। इसपर रक्षा सचिव ने तत्काल सेना के ब्रिगेडियर से बनिया बाजार में रह रहे लोगों को राहत देने को कहा। तब जाकर सेना के अधिकारी लौटे।
पहले मिलेंगे आवास
बीस बीच हंगामे की खबर पूर्व बीजेपी विधायक रघुनंदन भदौरिया को हुई तो वो मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सेना के जवान वहां से जा चुके थे। पूर्व विधायक ने कहा कि जब तक बनिया बाजार के लोगों को आवास नहीं मिल जाते तब तक सेना उनसे जमीन नहीं छीनेंगी। कहा, पूरे मामले की जानकारी सांसद डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी को दे दी गई है। वहीं राहत मिलने पर लोगों ने डॉक्टर जोशी का धन्यवाद किया। रमेश कुशवाहा कहते हैं कि कुद भी हो सांसद जी के पास यदि कोई भी व्यक्ति काम लेकर जाता है तो वो तत्काल होता है। जबकि अन्य जनप्रतिनिधि आश्वासन देकर टरका देते हैं।
Published on:
05 Dec 2018 09:10 am
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