16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मुस्लिम महिलाएं अगर परफ्यूम लगाकर निकली तो होंगी शैतान का शिकार !

बेपर्दा और बुरखा नहीं पहनने वाली महिलाएं गाहे बगाहे शैतान का शिकार हो जाती है। और ऐसे में शैतान से बचने का एक ही उपाय है कि जब महिला घर से बाहर निकले तो पर्दे में निकले।

less than 1 minute read
Google source verification

image

vikas vajpayee

Jun 15, 2016

muslim women should not use perfume

muslim women should not use perfume

कानपुर। बेपर्दा और बुरखा नहीं पहनने वाली महिलाएं गाहे बगाहे शैतान का शिकार हो जाती है। और ऐसे में शैतान से बचने का एक ही उपाय है कि जब महिला घर से बाहर निकले तो पर्दे में निकले। ऐसा मानना है मुंबई से इस्लाम की जानकारी देने आयी आलिया रुखसार अजीजी का जो शहर में रमजान के मौके पर आयोजित एक जलसे में लोगों को इस्लाम की हिदायत और रमजान की फजीलत एवं समाज में महिलाओं को कैसे रहना चाहिये विषय पर चर्चा कर रही थी। यही नहीं अजीजी ने कहा कि औरतों के लिए खुशबू लगा कर घर से बाहर निकलना जायज नहीं बताया गया है और जो औरतें ऐसा करती है वो बदकार है। ऐसी महिलाएं शैतान का शिकार होती है और जब वो घर से बाहर निकलती है तो शैतान ताक झाक करता है।

शहर में महिलाओं को रोजे की बरकत के बारे में बताते हुए आलिया रुखसार अजीजी ने कहा कि रोजा और रमजान का महीना आखीरत बनाने वाला महीना है।इस महीने का जिक्र इबादत और दुआओं की तिलावत में फरोग करें। अल्लाह से तमाम औरतों और मर्दों की मगफिरत की दुआएं करे उसकी रजा और जन्नत मांगें। गुनाहों से बचने की खूब कोशिश करें। उन्होंने कहा कि रोजा सिर्फ भूख और प्यास का नाम नहीं है बल्की रोजा आंख, कान, दिल, हाथ और पांव को बचाने के लिए है और इस लिए झूठ और चुगली जैसे गुनाहों से बचने का काम करें।