
akhilesh yadav
विनोद निगम.
कानपुर. कहते हैं सियासत में सब जायज होता है और इसका उदाहरण कानपुर के नवाबगंज में देखने को मिला। निकाय चुनाव की घोषणा के साथ आरक्षण सूची जारी होने के बाद कई वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हो गए, इसके कारण कई कुवांरे नेताओं के अरमानों में पानी फिर गया। लेकिन सपा के पार्षद राजकिशोर ने हिम्मत नहीं हारी और अपने परिजनों से दो दिन के अंदर शादी कराए जाने का फरमान सुना दिया। पिता ने आनन-फानन में बेटे के लिए तय मुहूर्त से पहले नामांकन से एक दिन पहले यानि 31 अक्टूबर को विवाह की तरीख तय कर दी।
राजकिशोर ने नेहा यादव उर्फ डिंपल के साथ सात फेरे लिए और चुनाव के मैदान में उतार दिया। युवाओं की नवेली डिंपल भाभी तो बुजुर्गों के लिए बहू नाम देकर जीत का आशीर्वाद दिया। मतगणना शुक्रवार को सुबह आठ बजे गल्ला मंडी में शुरू हुई। यहां पर सभी प्रत्याशी व उनके समर्थक अपनी जीत को लेकर गुणाभाग लगाते रहें। लेकिन ज्यों ही वार्ड 43 से सपा पार्षद प्रत्याशी नेहा यादव के विजयी होने का ऐलान हुआ तो चारों तरफ उसकी चर्चाएं होने लगी। हो भी क्यों न, नेहा शादी के 31वें दिन सभासद बनने का गौरव हासिल किया।
आरक्षित सीट होने के चलते किया विवाह
नवाबगंज की वार्ड 43 सीट अबकी बार परिसीमन के तहत महिला सीट आरक्षित हो गई। जिसके चलते निवर्तमान पार्षद राजकिशोर यादव चुनाव नहीं लड़ सकते थे। ऐसे में उन्होंने आनन-फानन में शादी करने का फैसला किया। हालांकि शादी पहले से ही तय थी लेकिन शादी की जो तारीख थी व मतदान के एक दिन बाद यानी 23 नवम्बर थी। जिसके चलते निवर्तमान पार्षद ने नामांकन के अन्तिम तिथि सात नवम्बर से आठ दिन पूर्व 31 अक्टूबर को ही शादी कर ली और पांच नवम्बर को नामांकन पत्नी नेहा यादव का करा दिया, लेकिन शादी की खुशी मतगणना के दिन शुक्रवार को उस समय दोगुनी हो गई जब नेहा ने निर्दलीय प्रत्याशी शबाना बेगम को 800 मतों से मात दे दी।
नेहा के जीतते ही मतगणना स्थल पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। पति राजकिशोर का कहना है कि यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है कि क्षेत्र की जनता ने विकास का ईनाम जीत के रूप में दिया।
साइकिल पर बैठाकर पत्नी के साथ किया प्रचार
नवाबंगज के अविवाहित पार्षद राजकिशोर यादव शुभ मुहूर्त नहीं होने के बावजूद आनन-फानन में नेहा यादव के साथ सात फेरे लिए। जिसके बाद सपा से सिंबल पाने के लिए पत्नी को लेकर लखनऊ तक दौड़ लगाई। सिंबल मिलने के बाद राजकिशोर ने पत्नी के साथ साइकिल में पूरे क्षेत्र में प्रचार किया।
जिसके चलते क्षेत्र की जनता ने नेहा यादव को शादी के 31वें दिन जीत का तोहफा दे दिया। नेहा यादव ने कहा कि हमें जनता ने मुंह दिखाई के तौर वोट देकर अपना जनप्रतिनिधि चुना है। हम अपने वार्ड को बेहतरीन वार्ड बनाएंगे। नेहा ने कहा कि हमने कभी नहीं सोचा था कि सियासत में आएंगे, लेकिन पति के कहने पर हम चुनाव लड़ने के लिए राजी हुए। अब हम अपने पति के सपने को साकार करने के लिए गरीब और समस्याओं का निपटरा कराएंगी।
प्रोफेसर बनना चाहती थी डिंपल
नेहा यादव उर्फ डिंपल परास्नातक की पढ़ाई किए हुए हैं और नेट की तैयारी कर रही थीं। नेहा ने बताया कि हमने शादी क बाद प्रोफेसर बनकर शिक्षा के क्षेत्र में आने का मन बनाया था। जिसके लिए हम लगातार तैयारी भी कर रही थीं। नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद हम पीएसडी करना चाहती थीं। लेकिन पति राजनीति में थे और 2017 का चुनाव नहीं लड़ सकते। इसी के चलते हमें जल्दी में शादी करनी पड़ी। शादी के बाद से आज तक हम महज तीन से चार घंटे ही सो पाए। सुबह से लेकर देररात तक प्रचार करते थे। अब चुनाव जीत गई हैं और पति के साथ कुछ दिन के लिए घूमने के लिए जाएंगीं। नेहा कहती हैं कि जनता ने इतनी बड़ी जिम्मेदारी हमें दी है तो हम इमानदारी के साथ काम करेंगे और हर जरूरतमंद के लिए हमारे घर के दरवाजे 24 घंटे खुले रहेंगे।
Updated on:
02 Dec 2017 08:28 pm
Published on:
01 Dec 2017 05:25 pm
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