
नई ब्लड बैंक बिल्डिंग में खून की दलाली रोकने को लगेगा बायोमेट्रिक सिस्टम
कानपुर। कानपुर के सबसे बड़े सरकारी ब्लड बैंक में फर्जीवाड़ा करना अब मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन होगा. इसको लेकर हैलट अस्पताल में बनी नई बिल्डिंग में शुरू हुए मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में खून की दलाली को रोकने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं. ऐसे में बड़ी खुशखबरी ये है कि प्रोफेशनल डोनर्स को रोकने के लिए ब्लड बैंक में बायोमैट्रिक सिस्टम लगाया जाएगा. इसमें एक बार ब्लड डोनेट करने आने पर डोनर का पूरा रिकॉर्ड उसकी बायोमैट्रिक पहचान के साथ यहां दर्ज कर लिया जाएगा. इस सिस्टम को लगाने के लिए शासन ने सैद्धांतिक सहमति भी दी है. मालूम हो कि ई हॉस्पिटल प्रोजेक्ट के तहत नए ब्लड बैंक में भी कई सुविधाएं ऑनलाइन हो जाएंगी.
ताकि कस सके इनपर लगाम
मेडिकल कॉलेज ब्लड बैंक में काफी समय से प्रोफेशनल डोनर्स और दलालों की वजह से तीमारदारों को सही ब्लड नहीं मिल पाता था. कई बार ब्लड बैंक के स्टॉफ ने ही कई बड़े दलालों को पकड़ा है. हालांकि इसे रोकने के लिए कोई ठोस काम नहीं हुआ. ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. लुबना खान की तरफ से शासन को ब्लड बैंक को ज्यादा आधुनिक बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है. इस पर सैद्धांतिक सहमति भी बन गई है. इसको लेकर अब नई बिल्डिंग में इस तरह की व्यवस्था की जा रही है कि प्रोफेशनल डोनर्स की आसानी से पहचान हो सके.
शुरू हुआ काम
मेडिकल कॉलेज कैंपस से ब्लड बैंक को हैलट ओपीडी के पास बनी नई बिल्डिंग में शिफ्ट करने का काम पूरा कर लिया गया है. इससे संबंधित अच्छी बात ये है कि इस ब्लड बैंक से लोगों को खून देने की शुरुआत भी कर दी गई है. बिल्डिंग के फर्स्ट फ्लोर पर ब्लड बैंक, सेकेंड फ्लोर पर ब्लड सैपरेशन यूनिट और थर्ड फ्लोर पर ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन डिपार्टमेंट बनाया जाएगा. ऐसी ही कुछ और नई व्यवस्थाएं शुरू करने की तैयारी अभी जारी है. इसके बारे में भी समय-समय पर जानकारी दी जाती रहेगी.
Published on:
18 Jul 2018 11:47 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
