जल्द ही इटावा से बिंदकी तक दौड़ेगी ट्रेन, रेलवे ने सर्वे के लिए दिए 29 लाख रुपए
दिल्ली हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों का बोझ कम करने को इटावा से बिंदकी
तक एक नया रूट बनाया जा रहा है। इस नए रूट के सर्वे के लिए 29 लाख रुपये
रेलवे बोर्ड ने दिए हैं।
दिल्ली हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों का बोझ कम करने को इटावा से बिंदकी तक एक नया रूट बनाया जा रहा है। इस नए रूट के सर्वे के लिए 29 लाख रुपये रेलवे बोर्ड ने दिए हैं। ये सर्वे इसी वर्ष दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इटावा से बिंदकी के लिए वाया औरैया, राजपुर, संट्टी, भोगनीपुर (पुखरायां) और घाटमपुर होते हुए बकेवर से बिंदकी रूट निकालने का प्रस्ताव है। इसकी दूरी 210 किमी है जबकि इटावा से बिंदकी वाया कानपुर की दूरी 240 किमी है।
दिल्ली हावड़ा रूट पर इतनी ट्रेनें हैं कि कानपुर तक एक के पीछे एक ट्रेनें रेंगती रहती हैं। आल इंडिया रेलवे सलाहकार के पूर्व सदस्य शेख मोहम्मद ने बताया कि इटावा से बिंदकी तक ये नई रेलवे लाइन दो मुख्य रेलवे लाइन को पार करेंगी। एक झांसी रेल मार्ग को पुखरायां में क्रास करेगी तो दूसरा बांदा रेलमार्ग पर घाटमपुर स्टेशन को क्रास करेगी जिससे इन दोनों स्टेशनों की उपयोगिता बढ़ जाएगी। दोनों स्टेशनों को जंक्शन बनाने की योजना है।
यहां बनेंगे नए स्टेशन
पुखरायां और घाटमपुर में रेलवे स्टेशन हैं, लेकिन इसी के साथ ही औरैया, सिकंदरा, राजपुर, संट्टी, मूसानगर में नये स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। रेलवे ने अब नया रूट बनाने से पहले इस बात पर ध्यान देना शुरू कर दिया है कि किसी भी घटना पर यात्रियों
को त्वरित राहत भी मिल सके। इटावा से बिंदकी तक रेलवे अधिकारी इस बात का भी ख्याल रख रहे हैं कि हाईवे से 300 से 500 मीटर की दूरी पर रेलवे लाइन हो ताकि किसी भी रेल हादसे पर त्वरित राहत पहुंचे।
150 फीसद ट्रैक पर भार
दिल्ली हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर ट्रेनों की संख्या 300 सवारी और 150 मालगाड़ियां हैं। रेलवे के सर्वे के मुताबिक दिल्ली हावड़ा रूट पर 150 फीसद ट्रेनों को लोड है। ऐसे में बाईपास रूटों से मुख्य रेलमार्ग को राहत मिलेगी | आगामी 2017 में यूपी के विस चुनाव से पूर्व इस नए रूट पर काम शुरू हो सकता है। बताते हैं कि चुनाव की घोषणा से पूर्व 25 फरवरी 2017 को रेलबजट में इसके लिए धन भी आवंटित कर दिया जाएगा।