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डस्टबिन में गिरकर नवजात की मौत: जांच रिपोर्ट आने के बाद बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर निलंबित, नर्स बर्खास्त

Newborn dies after falling in dustbin कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज महिला अस्पताल में नवजात के डस्टबिन में गिर कर मौत मामले में डॉक्टर को निलंबित और स्टाफ नर्स को बर्खास्त कर दिया गया है।

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सज्जन लाल वर्मा प्रिंसिपल मेडिकल कॉलेज और पीड़ित पिता (फोटो सोर्स पत्रिका)

फोटो सोर्स पत्रिका

Newborn Dies After Falling In Dustbin कानपुर देहात मेडिकल कॉलेज के महिला अस्पताल में नवजात डस्टबिन में गिर गया और डॉक्टर-स्टाफ नर्स का कहीं पता ही नहीं पता ही नहीं चला। परिजनों ने समझा कि बच्चा चोरी हो गया है। बच्चा के गायब होने की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। खोजबीन चालू हुई तो नवजात डस्टबिन में मिला। जिसे तत्काल एडमिट कर उपचार किया गया। लेकिन उसकी मौत हो गई। 'डस्टबिन में बच्चा' की खबर जंगल में आग की तरह फैल गई। इस संबंध में जांच टीम गठित की गई। महिला अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की। मामला कानपुर देहात के मेडिकल कॉलेज महिला अस्पताल का है। उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने डॉक्टर को निलंबित और स्टाफ नर्स को बर्खास्त कर दिया है।

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उत्तर प्रदेश के कानपुर के देहात स्थित मेडिकल कॉलेज का महिला विभाग उस समय चर्चा में आ गया। जब 28 वर्षीय सरिता पत्नी सुनील नायक को प्रसव पीड़ा हुई। सरिता की सास उमावती ने डॉक्टर और नर्स स्टाफ को आवाज दी। लेकिन कोई नहीं आया। अंततः रात को 2 बजे बच्चों को जन्म देने के साथ सरिता बेहोश हो गई। उमावती ने एक बार फिर अस्पताल कर्मचारियों को खोजना शुरू किया। लेकिन कोई नहीं मिला। वापस आई तो बच्चा गायब था। उन्होंने बाहर बैठे सुनील को इस बात की जानकारी दी।

बच्चा गायब होने से हड़कंप मचा

बच्चा गायब होने की खबर से अस्पताल में हड़कंप मच गया। सुनील ने भी खोजबीन की। लेकिन वह नहीं मिला। इधर-उधर खोजबीन की गई। करीब 1 घंटे बाद लोगों की निगाह डस्टबिन में गई। जिसमें मेडिकल वेस्ट, खून से सने कॉटन, सिरिंज आदि पड़ा हुआ था के बीच मिला बच्चा दिखाई पड़ा। जो बेहोश हो चुका था। करीब 3 बजे बच्चे को निकाल कर उपचार शुरू किया गया। परिजनों का कहना था कि आधा घंटा के बाद ही उसकी मौत हो गई।

5 साल पहले हुई थी शादी

सुनील ने बताया कि 5 साल पहले उसकी शादी हुई थी। यह उसकी पहली संतान थी।रात में डॉक्टर और नर्स को खोजते रह गए। लेकिन कोई नहीं मिला। नर्स कमरे में कुंडी लगाकर अंदर सो रही थी। जबकि डॉक्टर रूम खाली था। आक्रोशित सुनील ने बताया कि यदि स्टाफ नर्स और डॉक्टर होते तो यह परेशानी ना होती।

11 घंटे मौत की खबर छुपाई गई

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 11 घंटे तक मौत की खबर छुपाई गई। उन्हें गुरुवार दोपहर 2 बजे मौत की जानकारी दी गई। बताया गया कि बच्चा काफी कमजोर था। जबकि सास उमावती ने बताया कि बच्चा पूरी तरह स्वस्थ था। अस्पताल कर्मियों की लापरवाही और डस्टबिन में गिरने से उसकी मौत हुई है। प्रसव पीड़ा, प्रसव होना, नवजात का डस्टबिन में गिरना और उसके बाद मौत के मामले में अस्पताल का पूरा स्टाफ सवालों के घेरे में आ गया।

112 को दी गई जानकारी

परिजनों ने घटना की जानकारी 112 पर दी। मौके पर पहुंचे मेडिकल कॉलेज चौकी प्रभारी ने परिजनों से बातचीत की। अस्पताल के कर्मचारियों से भी पूछताछ की। लिखित शिकायत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने चार सदस्यीय जांच टीम गठित की। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर संजय लाल वर्मा की बनाई गई टीम ने शाम को ही जांच रिपोर्ट सौंप दी। जिसमें बताया गया कि घटना के समय डॉक्टर रश्मि पाल और प्रियंका सचान नर्स मौके से गायब थी। उन्होंने शासन को दोनों के बर्खास्त करने करने की संस्तुति की है। फिलहाल दोनों को सस्पेंड कर दिया गया है। शासन ने डॉक्टर और नर्स के खिलाफ कार्रवाई की है। डॉक्टर को निलंबित और नर्स को बर्खास्त कर दिया गया है।