
योगी सरकार किसानों पर मेहरबान, अब नहीं रहेगा इन किसानों पर ये संकट, शुरू हुई कवायद
कानपुर देहात-किसानों की मूलभूत जरूरत सिंचाई के लिए शासन अब सहायक नदियों का पुनरुद्धार करने की कवायद में है। इसके लिए कानपुर देहात में पांडु नदी को चिन्हित किया गया है। इससे जिले में मनरेगा से पांडु नदी के पुनरूद्धार होने पर करीब 10 हजार किसानों की सिंचाई का संकट दूर हो सकेगा। नदी पूरे वर्ष पानी से लबालब रहेगी और किसानों को रबी, खरीफ, जायद सहित अन्य बागवानी फसलों के लिए पानी का भरपूर लाभ मिल सकेगा। इससे 30 किलोमीटर बहाव वाले क्षेत्र में आने वाली सैकड़ों हेक्टेयर फसलें हरी भरी लहलहाती नजर आएंगी। इससे किसान खुशहाल होगा और सिंचाई का संकट दूर होगा।
जनपद में स्थित मुख्य नदियों से मिलने वाली सहायक नदियों व जल स्त्रोतों का पुनरूद्धार करने की योजना के तहत मनरेगा से पांडु नदी को पुर्नजीवित करने की कवायद शुरू की गई है। जनपद के रसूलाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत मिर्जापुर लकोठिया, मैजू समस्तपुर, निवादा अनी, थान हमीरपुर, मिठीकुर्सी व औरंगपुर महदेवा तथा मैथा विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत ढाकन शिवली, असई, जुगराजपुर बिठूर, शोभन व मलिकपुर से होकर पांडु नदी निकली है।
इन क्षेत्रों की सैकड़ों हेक्टेयर फसलों की सिंचाई के लिए हजारों किसान पांडु नदी पर आश्रित रहते हैं, लेकिन नदी के विलुप्तप्राय होने के कारण किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए समय पर पानी नहीं मिल पाता है। इससे किसानों की फसल पैदावार प्रभावित होती है। इन दोनो विकास खंडों में पांडु नदी का करीब 30 किलोमीटर का बहाव है। पांडु नदी का पुनरूद्धार होने पर दर्जनों राजस्वों के करीब दस हजार किसानों को सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। किसान फसलों की समय पर सिंचाई कर फसलों की अधिकतम पैदावार कर सकेंगे।
जिला विकास अधिकारी अभिराम त्रिवेदी ने बताया कि पांडु नदी का पुनरूद्धार होने से पूरे वर्ष पानी की उपलब्धता रहेगी। इससे हजारों किसानों की सैकड़ों हेक्टेयर फसल सिंचाई की समस्या दूर होगी।
Published on:
23 Dec 2018 06:27 pm
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