Aarif Saras New:आरिफ और सारस की दोस्ती सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। अब जब आरिफ और सारस अलग-अलग हो गए हैं तो उनका बिछड़ना भी सुर्खियों में बना हुआ है।
आरिफ और सारस अब अलग-अलग हो गए हैं। वन विभाग ने सारस को कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया है। वहीं, अब उनका बिछड़ना भी सुर्खियों में बना हुआ है। इसको लेकर अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधा है। अखिलेश यादव ने सारस के बंद पिजरे का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा, "सारस को तो कानपुर चिड़ियाघर भेज दिया… "क्या गोलू को भी गोरखपुर चिड़ियाघर भेजेंगे?"
दरअसल, अमेठी के रहने वाले आरिफ को लगभग एक साल पहले घायल हालत में एक सारस मिला था। आरिफ ने सारस का इलाज किया और उसके साथ समय बिताने लगा। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गई।
दोस्ती भी इतनी खास कि दोनों खाना साथ खाते, दोनों हर समय साथ रहते। कुछ ही दिनों में दोनों के दोस्ती के किस्से सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। दोस्ती की मिसाल इससे समझ लीजिए कि खुद पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव आरिफ से मिलने पहुंचे थे।
वन विभाग ने आरिफ और सारस को किया अलग
लेकिन इनकी दोस्ती पर वन विभाग ने ग्रहण लगा दिया। वन विभाग ने नियमों को हवाला देते हुए सारस को आरिफ से अलग कर दिया। उसे पहले रायबरेली के पक्षी विहार में रखा गया, लेकिन वह पक्षी विहार से लापता हो गया। वह 12 किमी दूर एक गांव में मिला, जिसके बाद उसे कानपुर चिड़ियाघर भेजा गया है। अब वह यहीं पर अपना समय बताएगा और अपने नए दोस्त बनाएगा।
15 दिन क्वारंटाइन में रखा जाएगा सारस
कानपुर चिड़ियाघर के अधिकारियों के अनुसार, सारस को कानपुर चिड़ियाघर लाया गया है। अभी सारस को 15 दिन क्वारंटाइन में रखा जाएगा। इसके बाद उसे चिड़ियाघर में लोगों के दीदार के लिए रखा जाएगा। सारस यहां के पक्षियों के साथ अपनी नई दोस्ती शुरू करेगा।