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अब नए आशियाने में रहेंगे गरीब परिवार, गरीबों के सपने जल्द होंगे पूरे

गरीब लाभार्थियों का अब सपना सच होगा। अनुसूचित वर्ग के लाभार्थियों के लिए 265 निर्माणाधीन आवासों को पूरा कराने के लिए शासन ने 2 करोड़ 14 लाख रुपए की दूसरी किश्त जारी की है।

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Agents active for BLC installments officers suffer

कानपुर देहात-नगर के झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए सरकार ने आसरा आवास योजना की शुरुवात की थी। कार्य शुरू होने के बाद धीमी गति से कार्य चलता रहा। फिर धनराशि न होने के चलते अधर में लटक गया, लेकिन अब गरीबों की आसरा आवास योजना की कछुआ चाल में अब पंख लग सकेंगे। अकबरपुर नगर पंचायत के अनुसूचित वर्ग के लाभार्थियों के लिए 265 निर्माणाधीन आवासों को पूरा कराने के लिए शासन ने 2 करोड़ 14 लाख रुपए की दूसरी किश्त जारी की है। इससे गरीबों को अपना आसरा जल्द मिलने की उम्मीद जगी है।

सरकार ने शहरी क्षेत्र की झोपड़ियों में रहने वाले गरीबों को छत मुहैया कराने के लिए यह योजना संचालित की थी। इसके तहत कानपुर देहात के अकबरपुर में रूरा रोड पर आसरा आवास योजना दिसंबर 2014 में शुरू हुई थी। यहां कार्यदायी संस्था सीएनडीएस-11, जल निगम ठेकेदार के माध्यम से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। योजना के अंतर्गत इसमें 1044 में से अनुसूचित वर्ग के लिए 312 आवास बनाए जाने हैं। इसके लिए पुनरीक्षित परियोजना की लागत 12 करोड़ 17 लाख 20 हजार रुपए आंकी गई है। शासन की ओर से पहली व दूसरी किश्त जारी की जा चुकी है। वहीं दोनो किश्तों के अंतर व मूल्य वृद्धि के चलते धनराशि न मिलने से आसरा आवासों का निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ था। इससे राह ताक रहे गरीबों को मिलने वाले इन आवासों के सपनों पर विराम सा लगता दिख रहा था।

वहीं बीते 12 दिसंबर को विशेष सचिव अनिल कुमार बाजपेयी ने अध्यक्ष जिला नगरीय विकास प्राधिकरण को पत्र भेजकर राज्यपाल की ओर से 2 करोड़ 14 लाख 38 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी है। परियोजना में नए कार्य को बढ़ाने, आकार व क्षेत्रफल में वृद्धि आदि के लिए अनुमोदन लिए बिना कार्य होने पर पुनरीक्षित परियोजना लागत के प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जाएगा। शासन से आवास निर्माण पूरा कराने के लिए धनराशि आवंटित होने से गरीबों को अपना आसरा मिलने की उम्मीद फिर से जाग उठी है। पवन कुमार परियोजना अधिकारी डूडा ने बताया कि आसरा आवासों का निर्माण करा रही कार्यदायी संस्था सीएनडीएस ने कार्य के चलते लागत बढ़ने पर शासन से पुनरीक्षित धनराशि की मांग की गई थी। कार्य अंतिम चरण में है। धनराशि जिले में पहुंचते ही कार्य को तेजी से कराया जाएगा।