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कानपुर. श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष और मणि रामदास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास मंगलवार को कानपुर के सरसैया घाट पहुंचे और गंगा के तट से पीएम मोदी से बड़ी मांग कर दी। महंत ने कहा कि अगर पीएम लोकसभा चुनाव से पहल श्रीराम मंदिर का निर्माण करवा दें तो उन्हें इसका जबरदस्त फाएदा होगा। पीएम और सीएम योगी से हिंदु-समाज को बहुत उम्मीदें है कि त्रिपाल में बिराजे रामलला को भव्य मंदिर में खुद अपने हाथों से विराजमान कराएंगे। महंत ने कहा कि हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कार्ट जल्द ही हिन्दुओं के अराध्य भगवान राम के मंदिर पर अपना फैसला सुनाएगा।
2019 से पहले बनवाए मंदिर
श्रीराम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष और मणि रामदास छावनी के महन्त नृत्य गोपाल दास आज सरसैया घाट पहुंचे और यहां पर गंगा आरती में भाग लिया। इस दौरान महंत ने कहा कि मन्दिर निर्माण के श्रेय को लेकर सन्तो और अध्यात्मिक गुरुओं के बीच कोई होड़ नहीं मचेगी। श्रीश्री रविशंकर के प्रयास से राममन्दिर निर्माण को गति मिलेगी। हम चाहते है कि मुस्लिम पक्षकार अयोध्या में राममंदिर के निर्माण में अड़ंगा न लगाए और खुद आगे आकर बात करें। बाबर ने हिंदु-मंदिरों को तोड़ा और मस्जिदों को निर्माण करवाया।
अयोध्या में भी उसने यही कृत्य किया। मंदिर की जगह मस्जिद बनवा दी। पुरातत्व विभाग को खुदाई के दौरान मंदिर के अहम सुराग हाथ लगे थे, जिसे कोर्ट में पेश किया गया है। हमें विश्वास है कि कोर्ट और पीएम मोदी मिलकर राममंदिर के निर्माण का रास्ता जरूर निकाल लेंगे।
यूपी के वक्फ मंत्री भी चाहते हैं कि बने मंदिर
महंत ने कहा कि यूपी के वक्फ मंत्री मोहिसन रजा अगर मन्दिर निर्माण के पक्ष में हैं। साथ अन्य मुस्लिम संगठन भी अब खुलकर भगवान श्रीराम के मंदिर के निर्माण के लिए खुलकर सड़क पर आ गए हैं। हां कुछ लोग हैं जो इस पर सियासत कर रहे हैं। महंत ने ऐसे लोगों की सलाह दी है कि आस्था से जुड़े मुद्दों पर राजनीति न करें। महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि देश की करोड़ों जनता अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण चाहती है इसलिये उन्हें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट जन भावना का सम्मान करेगी और कोर्ट फैसला मन्दिर के पक्ष में आयेगा।
लाउडस्पीकर पर का फैसला सराहनीय
मंहत नृत्य गोपाल दास ने कहा ने कहा कि हाईकोर्ट ने लाउडस्पीकरों को धार्मिक स्थलों से उतारे जाने का निर्णय दिया है जो सराहनीय है। ध्वनि प्रदूषण रोकने के हाई कोर्ट के फैसले पर मची सियायी चखचख पर महंत ने राय रखी कि धार्मिक कार्य शोरगुल के बिना भी सपन्न कराये जा सकते हैं। भक्ति को शोर और दिखावे की आवश्यकता नहीं होती। उन्होंने पुजारियों को मन्दिरों से लाउडस्पीकर हटाने की पहल करने की सलाह दी। साथ अन्य समुदाय के धार्मिक गुरुओं से महंत ने कोर्ट और सरकार का साथ देने की अपील की है।
Published on:
09 Jan 2018 05:54 pm
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