जू़ के डॉक्टरों की टीम के प्रधान ड़ॉ आर के सिहं का कहना है कि शेर और शेरनी को कानपुर लाने के पहले कई चिकित्सकी परीक्षण किए जाने है जिसमें कैनाइन डिस्टेम्पर, लेप्टोस्पाइरा, बबेसिया समेत कई ब्लड टेस्ट शामिल है। इस पूरी कवायद के लिए कानपुर प्राणीउद्यान की तरफ से रायपुर प्राणीउद्यान को पत्र भेजा जा चुका है और इसी सप्ताह वहां से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद एक बार फिर कानपुर में शेरों की दहाड़ सुनने को मिलेगी। प्राणीउद्यान में 2014 तक एक शेर का जोड़ा मौजूद रहा था लेकिन मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी इटावा लायन सफारी में इस जोड़े को भेजने का बाद से जू खाली हो गया था और जू आने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गयी थी। हालांकि ये भी सच है कि लायन सफारी के अन्दर इन दोनों शेरों ने जल्द ही दम तोड़ दिया था।