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छत्तीसगढ़ के शेर कानपुर में आकर लगाएंगे दहाड़

क्षेत्रफल में एशिया के सबसे बड़े प्राणीउद्यान का दर्जा हासिल करने वाले कानपुर प्राणी उद्यान में अगले माह नये मेहमान आने वाले है। मेहमानों के स्वागत के लिये तैयारी जोरों से की जा रही है, लेकिन इस बार मेहमान गुजरात के बजाए छत्तीसगढ़ से मंगाए जा रहे है।

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vikas vajpayee

Jun 14, 2016

pair of lion at kanpur zoo

pair of lion at kanpur zoo

कानपुर
। क्षेत्रफल में एशिया के सबसे बड़े प्राणीउद्यान का दर्जा हासिल करने वाले कानपुर प्राणी उद्यान में अगले माह नये मेहमान आने वाले है। मेहमानों के स्वागत के लिये तैयारी जोरों से की जा रही है, लेकिन इस बार मेहमान गुजरात के बजाए छत्तीसगढ़ से मंगाए जा रहे है। मेहमानों के स्वागत से पहले उनका स्वास्थ परीक्षण करने की हिदायत दी गयी है क्योंकि कई बार इस नायाब मेहमान को कमियों के कारण जान भी गवानी पड़ी है।

कानपुर का प्राणी उद्यान देश में ही नहीं बल्की एशिया में भी अपने क्षेत्रफल के लिहाज से मशहूर रहा है और जानवरों की संख्या और अपने भगौलिक स्वरूप के कारण लोगों को आकर्षित भी करता रहा है। लेकिन हाल के दिने में शेर जैसे जानवरों की कमी के कारण इस विख्यात जू की तरफ लोगों का रुझान कम देखने को मिला है। इस कमी को दूर करने के लिए ज़ू के निदेशक और ड़ॉक्टरो की टीम ने शेर के दो जो़डों को मंगवाने का निर्णय लिया है। निदेशक दीपक कुमार के अनुसार इसी माह में ज़ू के डॉक्टरो की एक टीम रायपुर शेरों के चिकित्सकों परीक्षण के लिए भेजी जा रही है। इन शेर और शेरनी के जोड़े के लिए प्रणीउद्यान में काफी तैयारियां की जा रही है लेकिन कुछ दिनों के लिये शेर और शेरनी को एक ही बाडे़ में रखने की व्यवस्था की गयी है।

जू़ के डॉक्टरों की टीम के प्रधान ड़ॉ आर के सिहं का कहना है कि शेर और शेरनी को कानपुर लाने के पहले कई चिकित्सकी परीक्षण किए जाने है जिसमें कैनाइन डिस्टेम्पर, लेप्टोस्पाइरा, बबेसिया समेत कई ब्लड टेस्ट शामिल है। इस पूरी कवायद के लिए कानपुर प्राणीउद्यान की तरफ से रायपुर प्राणीउद्यान को पत्र भेजा जा चुका है और इसी सप्ताह वहां से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद एक बार फिर कानपुर में शेरों की दहाड़ सुनने को मिलेगी। प्राणीउद्यान में 2014 तक एक शेर का जोड़ा मौजूद रहा था लेकिन मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी इटावा लायन सफारी में इस जोड़े को भेजने का बाद से जू खाली हो गया था और जू आने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट दर्ज की गयी थी। हालांकि ये भी सच है कि लायन सफारी के अन्दर इन दोनों शेरों ने जल्द ही दम तोड़ दिया था।