
कोरोना को मात देने के लिए किए कई अविष्कार, मिल चुके हैं तीन राष्ट्रीय पुरस्कार, लोग कहते हैं इन्हें 'छोटे कलाम'
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
कानपुर देहात. कोरोनाकाल (Corona Period) में जहां बड़े-बड़े वैज्ञानिकों ने लोकहित में कई कार्य किए। वहीं कानपुर देहात के ग्रामीण इलाके के रहने वाले पार्थ बंसल (Parth Bnsal Kanpur Dehat) ने ऐसा अविष्कार किया, जो कई जिंदगियां बचाने में कारगर साबित हो सकता है। साथ ही कोरोना के खिलाफ जारी भारत की जंग में कारगर हथियार भी साबित हो सकता है। हम बात कर रहे पुखराया के रहने वाले 18 वर्षीय पार्थ बंसल की। हालांकि पार्थ किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं क्योंकि इसके पूर्व भी पार्थ ने पार्किसंस मरीजों के लिए लेजर छड़ी एवं पिछले वर्ष कोरोना काल में तैयार किए गए सेनेटाइजर हैंड बैंड समेत कई आविष्कार किए। इस पर उन्हें कई अवार्ड से नवाजा जा चुका है। इसके लिए देश के राष्ट्रपति सहित प्रधानमंत्री ने भी पुरस्कृत किया है। पार्थ को अभी तक 3 नेशनल अवार्ड मिल चुके हैं।
ऑक्सीजन बर्बादी रोकने के लिए बनाया यंत्र
आपको बता दें कि इस बार पार्थ ने ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने वाले यन्त्र का निर्माण किया है। पार्थ के मुताबिक इसकी लागत उन्होंने महज 15 रुपए बताई है और यह आसानी से ऑक्सीजन मास्क में लग सकता है। कोरोना संकट में ऑक्सीजन के अभाव में कई लोगों की जानें चली गई और कई परिवार उजड़ गए। हाल ही में आईआईटी कानपुर में हुए ऑक्सीजन ऑडिट में मरीजों के इस्तेमाल के दौरान ऑक्सीजन का 25 प्रतिशत हवा में निकल कर बर्बाद हो जाने की पुष्टि के बाद ऑक्सीजन की बर्बादी रोकने के लिए पार्थ ने यन्त्र बनाने का मन बना लिया और अपने कार्य में जुट गए।
पार्थ के मुताबिक 10 से 15 रुपए में तैयार हुआ यंत्र
दरअसल मरीज जब ऑक्सीजन मास्क लगाकर ऑक्सीजन लेता है और इस दौरान मरीज किसी कार्यवश मास्क तो अपने फेस से नीचे करते हैं, लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडर को बंद करना भूल जाते हैं। ऐसे में गैस हवा में निकलती रहती है और वह बर्बाद हो जाती है। ऑक्सीजन की बरबादी को रोकने के लिए ही पार्थ ने ऐसा ऑक्सीजन मास्क बनाया है, जिसे ऑक्सीजन लेते समय मरीज अगर अपने फेस से हटा भी देता है तो ऑक्सीजन गैस मास्क के वाल्व से बाहर निकलना बन्द हो जाएगी, जिससे ऑक्सीजन की बर्बादी नहीं होगी। पार्थ ने ऑक्सीजन मास्क में एक ऐसा यन्त्र तैयार करके लगाया है, जो फेस के टच में आने के बाद ही एक्टिव होता हैं और जैसे ही फेस से मास्क हट जाएगा तो वह यन्त्र ऑक्सीजन की सप्लाई बंद कर देगा। इतना ही नहीं पार्थ बंसल ने इस यंत्र को महज 10 से 15 रुपए में तैयार किया है।
पार्थ को आविष्कारों के लिए मिले कई अवार्ड
पार्थ ने ख्वाहिश जाहिर की है कि वह अपने अविष्कारों से ज़रूरतमंद की मदद करना चाहते हैं और अपनी खोज को सरकार के जरिए जनता तक पहुचाकर राहत देना चाह रहे हैं। जिसके लिए सरकार के सामने प्रपोजल भेजने की तैयारी में हैं। साथ ही उन्होंने कोरोना जंग जीतने के लिए देश को मजबूत हथियार देने की इच्छा जाहिर की है। साथ ही इस खोज को लोगों के लिए महत्वपूर्ण मान रहे हैं। पार्थ की इस कामयाबी में पिता संदीप बंसल सहित परिवार के लोगों व उनके नोएडा विद्यालय के शिक्षकों को श्रेय देते हैं। पार्थ ने अपने कई आविष्कारों से अपने परिवार सहित जिले व प्रदेश का नाम गौरांवित किया है। इन आविष्कारों के लिए वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल शक्ति पुरस्कार सहित डॉ अब्दुल कलाम नवाचार अवार्ड भी मिला चुका है। इसके अतिरिक्त कई अन्य पुरस्कार भी मिले हैं।
Published on:
30 May 2021 10:31 pm
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