
सांकेतिक फोटो
कानपुर। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी का असर अब घरेलू बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में अचानक 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है। इस फैसले के बाद आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ पड़ गया है और लोगों में नाराजगी बढ़ गई है।इस बढ़ोतरी से रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर परिवहन तक हर क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। वाहन चालकों का कहना है कि पहले से ही महंगाई से परेशान लोगों के लिए यह फैसला और मुश्किलें बढ़ाने वाला है।
जानकारों के अनुसार वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है, जिसका सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ता है। तेल कंपनियों का कहना है कि बढ़ती लागत के कारण कीमतों में संशोधन करना जरूरी हो गया था। पेट्रोल और डीजल के दामों में यह बढ़ोतरी लंबे समय बाद देखने को मिली है। इससे पहले बड़ी वृद्धि अप्रैल 2022 में दर्ज की गई थी। अब अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
अमित शुक्ला ने कहा कि “हर महीने खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है और अब स्थिति ऐसी हो गई है कि घर का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से गाड़ी चलाना भी अब भारी पड़ने लगा है और आम आदमी पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव बढ़ गया है।”
सीमा वर्मा ने कहा कि “महंगाई पहले से ही घर का बजट खराब कर रही थी, लेकिन ईंधन की कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी ने हालात और खराब कर दिए हैं। अब रोजमर्रा की जिंदगी चलाना और भी मुश्किल होता जा रहा है।”
राजेश गुप्ता बोले कि “सरकार को तुरंत इस पर ध्यान देना चाहिए क्योंकि आम आदमी पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर चीज पर असर पड़ेगा और आम लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी।”
पूजा मिश्रा ने कहा कि “रसोई से लेकर सफर तक हर चीज महंगी हो चुकी है। इस तरह की बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग पूरी तरह प्रभावित होता है और उनकी मासिक योजना बिगड़ जाती है।”
मोहित सिंह ने कहा कि “अब यात्रा करना भी सोच-समझकर करना पड़ेगा क्योंकि हर सफर पर अतिरिक्त खर्च जुड़ गया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।”
नीतू यादव ने कहा कि “लगातार बढ़ती महंगाई ने घर का बजट पूरी तरह असंतुलित कर दिया है। अब हर चीज पर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है और बचत लगभग खत्म हो गई है।”
दीपक वर्मा ने कहा कि “डीजल की कीमत बढ़ने से सिर्फ वाहन ही नहीं बल्कि सब्जी, अनाज और रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो जाएंगी, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ेगा।”
अजय कुमार ने कहा कि “महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका कोई स्थायी समाधान दिखाई नहीं दे रहा है। आम आदमी हर बार नए बोझ के साथ जीवन जीने को मजबूर है।”
ट्रांसपोर्ट व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि डीजल की कीमत बढ़ने से मालभाड़ा भी बढ़ेगा, जिसका असर सीधे बाजार पर पड़ेगा। सब्जी, अनाज और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।छोटे व्यापारियों का मानना है कि लागत बढ़ने से मुनाफा घटेगा और कारोबार पर दबाव बढ़ेगा। आम उपभोक्ताओं पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने आम जीवन को प्रभावित कर दिया है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से हर वर्ग प्रभावित होता है।लोगों ने सरकार से राहत की मांग की है ताकि आम जनता को बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके। फिलहाल बाजार में इस फैसले को लेकर नाराजगी और चिंता का माहौल बना हुआ है।
Updated on:
15 May 2026 12:31 pm
Published on:
15 May 2026 12:31 pm
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