कानपुर। नागरिकता संशोधन एक्ट (सीएए) को लेकर कानपुर में जुमे की नमाज के बाद दो दिनों तक हिंसा हुई। इस दौरान उपद्रपियों ने पुलिस पर फायरिंग, पथराव, बमबाबजी और आगजनी की थी। जिस पर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने पुलिस-प्रशासन को आदेश देकर उपद्रवियों से सरकारी व प्राईवेट संपत्ति की वसूली का आदेश दिया था। इसी के बाद जिला प्रशासन ने 80,856 रुपए की वसूली की है। प्रति व्यक्ति 13476 का जुर्माना वसूला गया है। आरोपितों ने ने यह रकम ड्राफ्ट के माध्यम से जिला प्रशासन को सौंप दी है।
21 आरोपितों को भेजा नोटिस
मामले पर एसपी राजकुमार ने बताया है कि हिंसा के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया था। जिसके लिए एक टीम गठित की गई थी। उस टीम ने 2 लाख 83 हजार रुपए की क्षतिपूर्ति का आकलन करते हुए 21 लोगों को नोटिस जारी किया था। उसी में 6 आरोपियों ने यासीन,अरमान ,इरफान, दिलशाद और लियाकत ने अपना-अपना 13476 रुपए कार्ड बनवा कर कल जिला प्रशासन को सौंप दिया है बाकी आरोपियों से जल्दी बची हुई राशि वसूली जाएगी।
यतीमखाना में की थी आगजनी
एसपी ने बताया कि उपद्रवियों ने यतीमखाना पुलिस चैकी को फूंकने के साथ ही वाहनों को आग के हवाले कर दिया था। सीसीटीवी फूटेज और पुख्ता साक्ष्य के आधार पर ये कार्रवाई की गई है। इसके अलावा एसआईटी की टीम हिंसा में शामिल अन्य लोगों की जांच पड़ताल कर रही है। एसपी के मुताबिक अभी हिंसा के कई चेहरे हैं जो जल्द बाहर आएंगे। पुलिस ने अभी तक पीएफआई के पांच सदस्यों समेत कईयों को जेल भेजा है।
पहले भी भेजा जा चुका नोटिस
बतादें इससे पहले एटीएम सिटी की तरफ से 20 और 21 दिसंबर को भड़की हिंसा में सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जा चुका है। एडीएम ने 16 लोगों से 10 लाख रुपये की सरकारी संपत्ति नष्ट करने की वसूली का नोटिस दिया गया था। विडियो फुटेज और फोटो के आधार पर ऐसे 19 लोगों की पहचान हुई, जिन्होंने आगजनी, पथराव और अन्य तरीकों से संपत्ति को नुकसान पहुंचाया था।