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केंद्र सरकार द्वारा संचालित कई योजनाओं में निवेश करके निवेशक इनकम टैक्स में छूट लेते हैं। इनमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड, नेशनल पेंशन सिस्टम और सुकन्या समृद्धि योजना भी शामिल है। जिनके माध्यम से निवेशक को अच्छा रिटर्न मिलता है और इनकम टैक्स में भी छूट मिलती है। लेकिन उपरोक्त योजनाओं कि कुछ करते हैं जिन पर अमल करना जरूरी है। अन्यथा की स्थिति में निवेशक के खाता को निष्क्रिय कर दिया जाता है। ऐसे में न्यूनतम धनराशि जमा करना अति आवश्यक है। निष्क्रिय खाता को सक्रिय करने के लिए बकाया रकम के साथ तीनों ही योजनाओं में अलग-अलग जुर्माने की रकम जमा करनी होती है।
सुकन्या समृद्धि योजना
सुकन्या समृद्धि योजना के लिए न्यूनतम धनराशि ₹250 हैं। वार्षिक ₹250 जमा करके निवेशक बचत कर सकता है। उपरोक्त योजना की शर्त है कि निवेशक को प्रतिवर्ष कम से कम ढाई सौ रुपए जमा करना होता है। ऐसा नहीं करने पर सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट निष्क्रिय कर दिया जाता है। जिसे शुरू करने के लिए बकाया रकम के साथ प्रतिवर्ष ₹50 का जुर्माना भी लगता है। यह धनराशि जमा करने के बाद अकाउंट फिर सक्रिय कर दिया जाता है।
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पब्लिक प्रोविडेंट फंड
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में न्यूनतम वार्षिक धनराशि ₹500 है। न्यूनतम ₹500 की धनराशि से पीपीएफ अकाउंट खुलता है। यह रकम न जमा होने की स्थिति में अकाउंट निष्क्रिय कर दिया जाता है। जिसे सक्रिय करने के लिए बकाया रकम के साथ ₹50 प्रति वर्ष का जुर्माना भी लगाया जाता है। जिसके बाद अकाउंट एक बार फिर सक्रिय हो जाता है।
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नेशनल पेंशन सिस्टम कि न्यूनतम प्रीमियम व जुर्माना
एनपीएस टियर वन में न्यूनतम धनराशि ₹1000 है और प्रतिवर्ष ₹1000 जमा करना अनिवार्य है। न्यूनतम धनराशि जमा न करने की स्थिति में खाताधारक को बकाया राशि के साथ पांच सौ रुपए और एक सौ का जुर्माना वसूला जाता है। जुर्माना के साथ बकाया रकम अदा करके खाता को सक्रिय किया जा सकता है।
Published on:
03 Mar 2022 08:45 am
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