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चुनावी अखाड़े में टकराईं राष्ट्रपति की भाभी और बहू

- झींझक सीट से भाभी विद्यावती और बहू दीपा कोविंद ने मांगी टिकट, राष्ट्रपति के परिवार के दावेदारों को लेकर भाजपा नेताओं में ऊहापोह

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कानपुर . चुनावी अखाड़े में राष्ट्रपति के करीबी रिश्तेदारों ने एक-दूसरे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कानपुर देहात की झींझक नगर पालिका के अध्यक्ष पद के लिए महामहिम रामनाथ कोविंद की भाभी और बहू ने भाजपा से टिकट मांगा है। एक सीट के लिए राष्ट्रपति के परिवार के दो सदस्यों की दावेदारी से भाजपा की स्थानीय ईकाई मुश्किल में फंस गई है। ऐसे में झींझक नगर पालिका के अध्यक्ष पद का टिकट लखनऊ में तय होगा। दूसरी ओर, विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति के रिश्तेदार को टिकट मिलने की उम्मीद में एक किन्नर को साझा उम्मीदवार बनाने का फैसला किया है। अब झींझक में भाजपा उम्मीदवार का सीधा मुकाबला कामिनी किन्नर से होगा।

12 दावेदारों में भाभी विद्यावती और बहू दीपा कोविंद भी शामिल

झींझक नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पद के लिए भाजपा के 10 कार्यकर्ताओं ने टिकट मांगा है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रपति की भाभी विद्यावती और बहू दीपा कोविंद ने भी आवेदन किया है। राष्ट्रपति के परिवार के सदस्यों में टिकट के लिए खींचतान से पार्टी के स्थानीय नेता उलझन में फंस गए हैं। ऐसे में झींझक का प्रत्याशी तय करने से क्षेत्रीय अध्यक्ष ने इंकार कर दिया है। अब मामला लखनऊ में प्रदेश टीम के सामने भेज दिया गया है। झींझक के स्थानीय नेता और उम्मीदवार चयन की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य श्याममोहन दुबे कहते हैं कि पार्टी में मतभेद जैसी कोई स्थिति नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति के परिवार से मसला जुड़ा है, इसलिए बड़े नेताओं की राय जरूरी है।

भतीजे ने सच्चा लोकतंत्र बताया, भाभी ने मौन साधा

टिकट की कश्मकश में परिवार के दो सदस्यों के आमने-सामने आने की स्थिति को लेकर राष्ट्रपति के भतीजे दीपक कोविंद सच्चा लोकतंत्र बताते हैं। दीपक कहते हैं कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लडऩे की आजादी है, लेकिन कोई विद्रोह नहीं होगा। पार्टी जिसका नाम तय करेगी, उसे जिताने की कोशिश होगी। दूसरी ओर, राष्ट्रपति की भाभी विद्यावती ने इस मसले पर कुछ भी कहने से इंकार कर दिया है। अलबत्ता उनकी बेटी हेमलता ने कहाकि भाजपा की स्थानीय इकाई के आग्रह पर मां ने टिकट के लिए आवेदन किया है। गौरतलब है कि विद्यावती राष्ट्रपति की सगी भाभी हैं, जबकि दीपा उनके भाई प्यारेलाल के बेटे की पत्नी है।

विरोधियों ने मुकाबले में खड़ा किया साझा प्रत्याशी किन्नर

बहरहाल, झींझक के निकाय चुनाव का मुकाबला रोचक होना तय है। राष्ट्रपति के परिवार के उम्मीदवार की संभावना को देखते हुए विपक्षी नेताओं ने साझा उम्मीदवार उतारने का फैसला किया। इसके बाद कामिनी किन्नर को चुनावी अखाड़े में उतार दिया गया। किन्नर के साझा उम्मीदवार बनने से भाजपा के नेताओं की परेशान बढ़ गई है। राष्ट्रपति के परिवार का सदस्य भाजपा का उम्मीदवार बना और नतीजा प्रतिकूल हुआ तो क्षेत्रीय भाजपा नेताओं के लिए ज्यादा मुश्किल होगी। चुनाव मैदान में उतरी कामिनी किन्नर ने अपनी जीत को पक्का बताते हुए कहाकि नोटबंदी और जीएसटी के जख्म से परेशान जनता निकाय चुनाव में भाजपा और वीआईपी प्रत्याशी को करारा जवाब देगी।