
‘पाॅवरहाउस’ पर कब्जे के लिए प्रियंका गांधी का मास्टर स्ट्रोक
कानपुर। स्थानीय संगठन की मजबूती से मुतमईन कांग्रेस हाईकमान कानपुर का पुराना गढ़ रहा है। पार्टी के पाॅवरहाउस के रूप में जाने वाले तिलकहाॅल में बैठकर पंडित जवाहर लाल नेहरू, इंद्रागांधी, राजीव गांधी, संजीव गांधी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी ने बैठकर रणनीति बनाया करते थे। यही वजह है कि कांग्रेस इसे अपने लिए शुभ मानती है। 2022 के मिशन को कामयाब बनाने के लिए राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा गांधी ने गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रहीं करिश्मा ठाकुर के नेतृत्व में यूथ ब्रिगेड का गठन किया गया। शहर से 51 लोग पदाधिकारी बनाए गए। प्रियंका गांधी ने नगर अध्यक्ष की कुर्सी पर अभय प्रताप सिंह को बैठाया है।
51 पदाधिकारी नियुक्त
2022 चुनाव को फतह करने के लिए कांग्रेस पार्टी अपने पुराने गढ़ पर कब्जे के लिए करिश्मा ठाकुर के नेतृत्व में युथ बिग्रेड का गठन किया है। करिश्मा के अलावा इस टीम में 10 उपाध्यक्ष, 10 महामंत्री, 20 सचिव एवं कार्यकारिणी सदस्यों का मनोनयन किया गया। प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड की पहली बैठक का आयोजन करते हुए पदाधिकारियों को पदभार ग्रहण कराया गया। सभी पदाधिकारियों को मनोनयन पत्र दिया गया। करिश्मा ठाकुर ने कहा कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में पूरे दमखम के साथ चुनाव के मैदान में उतरेगी और यहां की सभी सीटों पर पंजे की जीत होगी।
युवाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी
करिश्मा ठाकुर ने कहा कि प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड का मूल उद्देश्य नौजवानों और छात्रों को कांग्रेस पार्टी से जोड़कर बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करना है। एक बूथ पर 10 यूथ की रणनीति तैयार करने का मकसद लेकर प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड का गठन किया गया है। पार्टी ज्यादा से ज्यादा युवाओं को संगठन में जोड़ेगी। करिश्मा ने कहा कि कानपुर में पार्टी का भाजपा से बड़ा संगठन है। पिछले कुछ चुनाव में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई, पर हमें यकीन है कि अगले चुनाव में हम दमदार जीत दर्ज करेंगे।
सिलसिला अब भी नहीं टूटा
हरप्रकाश अग्निहोत्री कहते हैं कि क्रांतिकारियों की इस धरती से कांग्रेस की यादें स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़ी हैं। सिलसिला अब भी टूटा नहीं है। चुनावों में भले ही पार्टी को लगातार हार मिल रही हो लेकिन, कानपुर के संगठन की स्थिति आसपास के अन्य क्षेत्रों से बेहतर मानी जाती है। महापौर के चुनाव में भी कांग्रेस ने कानपुर में ही सबसे अधिक वोट हासिल किए। जबकि सपा व बसपा के मुकाबले कांग्रेस के सबसे ज्यादा पार्षद चुनकर नगर निगम में पहुंचे। हमें उम्मीद है कि नई टीम कांग्रेस को यहां पर मजबूती के साथ खड़ा करेगी और बीजेपी को सत्ता से बेखल करेगी।
यहीं से हुआ था 1978 का आगाज
हरप्रकाश अग्निहोत्री बताते हैं, कानपुर और कांग्रेस का गहरा नाता है। यह पार्टी का पुराना गढ़ है। 70 के दशक में जब कांग्रेस लोकसभा चुनाव हारी थी, तब उसके बाद 1978 में चुनाव अभियान की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कानपुर में राष्ट्रीय अधिवेशन से की थी। अगले ही चुनाव में फिर कांग्रेस को जीत मिली। समय-समय पर कई बार पार्टी ने कानपुर को अहमियत दी है। कहते हैं। इसी क्रम में प्रियंका गांधी यूथ ब्रिगेड का गठन करते हुए 51 पदाधिकारी बनाए गए हैं। पार्टी बूथ तक युवाओं की फौज खड़ा कर 2022 में जीत दर्ज करेगी।
Published on:
10 Mar 2020 04:46 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
