
कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में शहर काजी ने यह कहते हुए 'निकाह' (शादी) कराने से इनकार कर दिया कि समारोह में डीजे बैंड और आतिशबाजी 'शरिया' कानूनों के खिलाफ है। दूल्हे के परिवार द्वारा उनके आचरण के लिए माफी मांगने और डीजे और आतिशबाजी बंद करने के बाद ही वह 'निकाह' कराने के लिए सहमत हुए। इस बीच करीब दो घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तलाक महल इलाके के एक कारोबारी के बेटे की शादी दो दिन पहले जाजमऊ इलाके में एक लड़की से होनी थी। बारात के साथ एक बैंड भी आया और खूब आतिशबाजी भी हुई।
एक सूत्र ने बताया कि जब बारात विवाह स्थल पर पहुंची, तो डीजे-बैंड बजने लगा और आतिशबाजी होने लगी, जिससे शहर काजी मौलाना मुश्ताक मुशाहिदी नाराज हो गए और उन्होंने शादी कराने से इनकार कर दिया। मामला परिवार के वरिष्ठ सदस्यों तक पहुंच गया, जिन्होंने दूल्हे के परिवार और मेहमानों को जो डीजे संगीत पर नृत्य कर रहे थे माफी मांगने के लिए मजबूर कर दिया।
शहर काजी ने कहा कि बैंड-डीजे और आतिशबाजी पैसे की बर्बादी के अलावा गैर-इस्लामिक हैं। उनके माफी मांगने के बाद, मैं निकाह करने के लिए तैयार हो गया। जहां भी ऐसी चीजें होती हैं, मैं वहां शादी नहीं कराउंगा।
Published on:
12 Nov 2021, 5:56 PM IST
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