कानपुर. सेंट्रल स्टेशन कानपुर के एक हॉल में रेलवे के आलाधिकारियों की बैठक मंगलवार को हुई। यहां पर हादसे की वजह का पोस्टमार्टम देर शाम तक चलता रहा। हादसे की जांच और चालक व ट्रेन स्टॉफ के कर्मचारियों के बयान के बाद जो मामला सामने आया उसने पत्रिका की खबर पर मुहर लगा दी। पूरे मामले की जांच पड़ताल के बाद हादसे की वजह ट्रेन में अधिक भार को बताया गया। चालक ने आलाधिकारियों के सामने जो बयान दर्ज करवाए उसमें उसने बताया कि ट्रेन में 22 बोगियों की जगह 23 बोगियां लगाई गईं थीं। आपको बता दें कि पत्रिका ने पहले ही अपने सूत्रों से इस बात का खुलासा किया था कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस के हादसे की मुख्य वजह उसमें लगाई गई एक अतिरिक्त बोगी थी। इस अतिरिक्त बोगी की वजह से ही इंजन पर ज्यादा भार था। वहीं ड्राइवर के इस खुलासे के बाद इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे के मामले में रेलवे ने पहली कार्रवाई की। रेलवे ने झांसी मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एसके अग्रवाल को हटा दिया है। उनका स्थानांतरण रांची कर दिया गया है। साथ ही दो रेल अधिकारियों, एक खंड अभियंता और दो अवर अभियंताओं को सस्पेंड किया गया है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर अभी और गाज गिरना तय है।