17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कानपुर ट्रेन हादसे में पत्रिका की खबर पर मुहर, कई अधिकारियों पर गिरी गाज!

रेलवे ने माना 23वीं अतरिक्त बोगी बनी दुर्घटना की वजह, कई और अधिकारियों पर हो सकती है कार्रवाई।

2 min read
Google source verification

image

Nitin Srivastva

Nov 23, 2016

train accident

train accident

कानपुर. सेंट्रल स्टेशन कानपुर के एक हॉल में रेलवे के आलाधिकारियों की बैठक मंगलवार को हुई। यहां पर हादसे की वजह का पोस्टमार्टम देर शाम तक चलता रहा। हादसे की जांच और चालक व ट्रेन स्टॉफ के कर्मचारियों के बयान के बाद जो मामला सामने आया उसने पत्रिका की खबर पर मुहर लगा दी। पूरे मामले की जांच पड़ताल के बाद हादसे की वजह ट्रेन में अधिक भार को बताया गया। चालक ने आलाधिकारियों के सामने जो बयान दर्ज करवाए उसमें उसने बताया कि ट्रेन में 22 बोगियों की जगह 23 बोगियां लगाई गईं थीं। आपको बता दें कि पत्रिका ने पहले ही अपने सूत्रों से इस बात का खुलासा किया था कि इंदौर-पटना एक्सप्रेस के हादसे की मुख्य वजह उसमें लगाई गई एक अतिरिक्त बोगी थी। इस अतिरिक्त बोगी की वजह से ही इंजन पर ज्यादा भार था। वहीं ड्राइवर के इस खुलासे के बाद इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे के मामले में रेलवे ने पहली कार्रवाई की। रेलवे ने झांसी मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एसके अग्रवाल को हटा दिया है। उनका स्थानांतरण रांची कर दिया गया है। साथ ही दो रेल अधिकारियों, एक खंड अभियंता और दो अवर अभियंताओं को सस्पेंड किया गया है। कई अधिकारियों और कर्मचारियों पर अभी और गाज गिरना तय है।

पढ़िए पत्रिका का खुलासा:


ड्राइवर ने बताई हादसे की वजह
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त पीके आचार्या की अध्यक्षता में जांच दल कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचा। यहां रेल हादसे से संबंधित कर्मचारियों और लोगों के बयान लिये जा रहे हैं। पटना-इंदौर एक्सप्रेस के ड्राइवर जलत शर्मा से मिनट टू मिनट की डिटेल मांगी जा रही है। जांच टीम.के सामने ट्रेन के ड्राइवर जलत शर्मा अाैर असिस्टेंट ड्राइवर उमेश पुराेहित पेश हुए। उमेश पुरोहित और गार्ड अजय श्रीवास्तव ने कहा कि लोड बढ़ गया था और इसकी सूचना भी दी गई थी। पटरियों के डैमेज होने जैसी कोई भी जानकारी नहीं मिली थी।

अतिरिक्त कोच बन गया काल
प्लेटफार्म नंबर एक पर बने डिप्टी सीटीएम के ऑफिस में रेल हादसे से जुड़े सभी कर्मचारियों के बयान डीजी और सीआरएफ ले रहे हैं। जांच के दौरान एक-एक करके रेल हादसे से संबंधित कर्मचारियों को बुलाकर बयान दर्ज किये गये। सभी से उनका पक्ष पूछा गया। इंदौर-पटना एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने के पीछे एक कारण इसमें अधिक लोड भी माना जा रहा है। ट्रेन में इंदौर से क्षमता से ज्यादा बोगियां लगाई गई थीं। 22 बोगियों की क्षमता वाली इस एक्सप्रेस ट्रेन में हादसे वाले दिन 23 बोगियां लगी थीं। अतिरिक्त कोच बी-3 था, जिसमें सबसे.ज्यादा नुकसान हुआ। इसके पीछे एस-1 कोच था। इन कोचों में ही यात्रियों को खड़खड़ की आवाज के साथ हिचकोले लग रहे थे।

डीआरएम झांसी पर गिरी गाज
रेलवे बोर्ड के निदेशक एके सेन ने मंडल रेल प्रबंधक एसके अग्रवाल को हटाकर उनको साउथ ईस्टर्न रेलवे के रांची डिवीजन में डीआरएम पद पर भेजा गया है। उनकी जगह इलाहाबाद से एके मिश्रा को तैनात किया गया है। वह फिलहाल कार्यवाहक मंडल रेल प्रबंधक की हैसियत से झांसी में काम करेंगे। इसके अलावा वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता नाबिद तालिब, मंडल अभियंता नॉर्थ (लाइन) मनोज मिश्रा और वरिष्ठ खंड अभियंता (सीएंडडब्लू) भरत चौरसिया को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही दो अवर अभियंताओं को भी सस्पेंड किया गया है।

वीडियो देखें:






ये भी पढ़ें

image