
पावर कट रोकेगा आटो री-क्लोजर
कानपुर। लाखों कानपुराइट्स के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब फीडर लाइन में टम्परेरी फॉल्ट होने पर आपकी बिजली घंटों गुल नहीं रहेगी. फॉल्ट ठीक होते ही पॉवर सप्लाई अपने आप चालू हो जाएगी. इसके लिए यूपीपीसीएल ने केस्को सहित अन्य डिस्कॉम में ऑटो-रीक्लोजर लगाने की तैयारी की है, जिससे कि प्राइमरी ट्रांसमिशन सबस्टेशन से केस्को के सबस्टेशन के बीच 33 केवी ओवर हेड फीडरलाइन में होने वाले टेम्परेरी फॉल्ट के कारण बिजली की समस्या जल्द से जल्द हल की जा सकेगी.
ट्रिप होने के कई हैं कारण
शहर में एक दर्जन से अधिक प्राइमरी ट्रांसमिशन स्टेशन हैं, जिनके जरिए केस्को के लगभग 90 सबस्टेशन जुड़े हैं. आरपीएच को छोड़कर ज्यादातर सबस्टेशन प्राइमरी ट्रांसमिशन स्टेशनों से काफी दूर है. ज्यादातर केस्को सबस्टेशन प्राइमरी ट्रांसमिशन स्टेशनों से ओवरहेड लाइन के जरिए जुड़े हुए हैं. लंबी-लंबी होने की वजह से ये लाइनें कभी पक्षियों, कभी होर्डिंग आदि वजहों से ट्रिप हो जाती है.
ठप हो जाते हैं सब स्टेशन
इससे केस्को के सबस्टेशन ठप हो जाते हैं. फिर केस्को की टीम को सबस्टेशन से लेकर प्राइमरी ट्रांसमिशन स्टेशन तक पेट्रोलिंग करनी पड़ती है. इस दौरान वह चेक करते हैं कि कहीं लाइन तो नहीं टूटी या फिर पेड़ की डाल, कपड़ा आदि तो लाइन में नहीं फंसा है. अगर नहीं तो प्राइमरी ट्रांसमिशन स्टेशन जाकर केस्को को फीडर लाइन चालू करानी पड़ती है. तब कहीं जाकर केस्को सबस्टेशन और फिर घरों तक बिजली पहुंच पाती है. इस लंबी प्रक्रिया के दौरान गुल रहने वाली बिजली की समस्या के हल के लिए यूपीपीसीएल ने ऑटो री-क्लोजर लगाने की तैयारी की है.
ऐसे निकलेगा हल
इस समस्या के हल के लिए यूपीपीसीएल ने अन्य डिस्कॉम के साथ केस्को को भी चुना है. प्रदेश भर के चुने गए 600 फीडर में केस्को के 90 फीडर है. फिलहाल यूपीपीसीएल ने केस्को के इंडिपेंडेंट फीडर्स को छोड़कर ऑटो री-क्लोजर लगाने के लिए 90 फीडर चुने हैं. इनमें 31 इंडस्ट्रियल फीडर भी शामिल हैं. पहले चरण यूपीपीसीएल की चुनी गई कंपनी केस्को की 23 फीडर लाइन में ऑटो री-क्लोजर लगाएगी.
तब मिलेगा फायदा
केस्को के चीफ इंजीनियर संतोष तिवारी ने बताया कि ऑटो री-क्लोजर लगे होने से केस्को की टीम को तुरन्त पेट्रोलिंग के लिए नहीं जाना पड़ेगा. पक्षियों के लाइनों में टकराने या होर्डिंग्स या कपड़ा टकराकर गिर जाने पर ऑटो री-क्लोजर के जरिए तुरन्त ही पॉवर सप्लाई चालू हो जाएगी. इससे लोगों को अधिक समय तक पॉवर क्राइसिस से नहीं जूझना पड़ेगा. इससे केस्को की टीम को पेट्रोलिंग करते हुए सबस्टेशन से प्राइमरी ट्रांसमिशन स्टेशन तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. अगर पेड़ की डाल लाइन पर पड़ी या लाइन टूटी है, तब केस्को की टीम को पेट्रोलिंग करके फॉल्ट को दूर करना होगा. तब उसे प्राइमरी ट्रांसमिशन जाकर फीडर लाइन चालू करानी होगी.
Published on:
10 Aug 2018 08:19 pm
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