
यूपीसीडा के काम नहीं आया आचार संहिता का बहाना, रेरा ने लगाई फटकार
कानपुर। उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) ने आचार संहिता का बहाना बनाकर अपनी आवासीय योजनाओं का रियल स्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) में पंजीकरण नहीं कराया। जिस पर रेरा ने यूपीसीडा को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल पंजीकरण कराने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई आयकर अधिकारी की शिकायत पर की गई है।
अनिवार्य है पंजीकरण
नियमानुसार प्रदेश की सभी आवासीय योजनाओं का रेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य होता है। मगर जब यूपीसीडा ने समय निकल जाने पर भी उन्नाव स्थित ट्रांसगंगा सिटी आवासीय योजना का पंजीकरण नहीं कराया तो आयकर अधिकारी एस के वर्मा ने रेरा में इसकी शिकायत की। जिसके बाद रेरा अध्यक्ष राजीव कुमार ने यूपीसीडा को सख्त आदेश जारी किए।
रेरा कोर्ट में नहीं चली दलील
रेरा कोर्ट में सुनवाई के दौरान यूपीसीडा के अधिवक्ता से जब योजनाओं के पंजीकरण की जानकारी मांगी गई तो अधिवक्ता ने बताया कि यूपीसीडा के १५७ प्रोजेक्ट इस समय चल रहे हैं। जिनमें तकनीकी समस्या और आचार संहिता के चलते इनका पंजीकरण नहीं कराया जा सका। इस दलील को कोर्ट ने खारिज कर दिया।
रिफंड मांगने पर हुई कटौती
ट्रांसगंगा सिटी रेजीडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने रेरा में शिकायत दर्ज कराई है कि पंजीकरण न कराने पर जब रिफंड मांगा गया तो पैसा काटकर वापस कर दिया गया। इस पर रेरा अध्यक्ष ने यूपीसीडा को आदेश दिए कि आवंटी को ब्याज सहित रकम लौटाई जाए।
Published on:
23 Apr 2019 01:42 pm
बड़ी खबरें
View Allकानपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
