
अमरनाथ यात्रा पर सरकार का बड़ा फैसला, शिवभक्तों में आक्रोश
कानपुर। अमरनाथ यात्रा को लेकर इस बार सरकार ने रजिस्टे्रशन शुल्क दो गुना कर दिया है। जिसे लेकर शिवभक्तों में नाराजगी है। इसके अलावा इस बार रजिस्ट्रेशन की ऑनलाइन व्यवस्था भी लागू कर दी गई है। रजिस्ट्रेशन के लिए संबंधित बैंकों में श्रृद्धालुओं की लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं। इस बार अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से प्रारंभ होकर 15 अगस्त तक चलेगी।
१०० रुपए किया गया शुल्क
यात्रा में जाने के लिए कानपुर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में बैंकों से रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। पिछली बार 50 रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क था, जो बढ़कर 100 रुपये कर दिया गया है। श्रद्धालु पंजाब नेशनल बैंक स्वरूप नगर और जेएंडके बैंक परेड में पहुंचकर रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। बैंकों में दो रास्तों से पहलगाम व बालटाल का रजिस्ट्रेशन होता है। इसमें तीन लाख रुपये का श्रद्धालु का बीमा भी होता है। बैंक से ही एक यात्रा पुस्तिका भी मुफ्त मिलती है, जिसमें यात्रा संबंधी आवश्यक जानकारी होगी। अभी 10 दिन पहले श्रीअमरनाथजी श्राइन डॉट कॉम ऑनलाइन व्यवस्था भी शुरू की गई है। यहां आप ऑनलाइन आवेदन करा सकते हैं। इसके लिए फोटो और स्वास्थ्य प्रमाण पत्र की कॉपी अपलोड करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया की 200 रुपये फीस है।
हेलीकॉप्टर से जाने पर रजिस्टे्रशन नहीं
अमरनाथ यात्रा पर अगर कोई श्रद्धालु हेलीकॉप्टर से जाना चाहता है तो उसे रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा, लेकिन स्वास्थ्य का प्रमाण उसे अवश्य लेना होगा। इसमें बालटाल से पंचतरणी तक जाने में 2000 से 2500 रुपये खर्च आएगा। जबकि पहलगाम से पंचतरणी तक जाने में 3500-4000 रुपये का खर्च आएगा।
यहां बनवाएं स्वास्थ्य प्रमाण पत्र
यात्रा में जाने के लिए श्रद्धालु को अपना स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनवाना जरूरी है। इसके बिना रजिस्ट्रेशन नहीं होगा। यह प्रमाणपत्र शहर में उर्सला अस्तपाल, केपीएम बिरहाना रोड, कांशीराम अस्पताल रामादेवी, कल्याणपुर, बिल्हौर, सरसौल में बनवाया जा सकता है। अमरनाथ यात्रा में 13 साल से कम आयु वालों का रजिस्ट्रेशन नहीं होता है। 13 से 75 साल तक आयु वाले ही यात्रा कर सकते हैं। इन्हीं लोगों का रजिस्ट्रेशन होता है।
ये चीजें रखें साथ
यात्रा में एक टार्च, रेनकोट, छाता, स्पोर्ट्स शूज, ऊनी वस्त्रों में कैप, जैकेट, स्वेटर, दस्ताने, मोजे इनर आदि के अलावा खाने-पीने की वस्तुएं, जो जल्दी खराब न होती हों। यात्रा में जाने से पहले पैदल चलने का अभ्यास कर लें, चूंकि वहां पहाड़ों पर पैदल यात्रा करनी होती है। पिछले साल शहर और आसपास क्षेत्रों से करीब 10 हजार श्रद्धालु गए थे। श्री बाबा अमरनाथ लंगर कमेटी के महामंत्री पवन सिंह चौहान ने बताया कि लोग बड़ी संख्या में रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। वे 15 सालों से निरंतर यात्रा कर रहे हैं।
Published on:
11 Jun 2019 12:26 pm
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