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इस वजह से मधुमक्खियों की अजगर बाबा कर रहे अराधना

तीन माह से फजलगंज चौराहे के पास स्थित शिवमंदिर के बाद मधुमक्यिं की कर रहा संत अराधना, पूजा-पाठ के वक्त नहीं भटक सकते लोग।

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sant is worshiping bees for three months in kanpur

इस वजह से मधुमक्खियों की अजगर बाबा कर रहे अराधना

कानपुर। फजलगंज चौराहे के पास सड़क के किनारे बने शिव मंदिर के बाहर अजगर बाबा पिछले तीन माह से जहरीली मधुमक्यिं के बीच बैठकर उनकी पूजा-अर्चना कर रहे हैं। जहरीली डंक वाली मधुमक्खी काटने के बजाए बाबा की रक्षा करती हैं। यदि कोई व्यक्ति फोटो य वीडियो बनानें का प्रयास करता है तो मधुमक्यिं उन पर हमला कर देती हैं। आसपास के लोगों के मुताबिक अजगर बाबा भगवान शिव के भक्त हैं और उनके दर्शन के लिए यहां धूरी जमाए हुए हैं।

प्रकट हो जाती हैं मधुमक्खियां
फजलगंज चौराहा इनदिनों अजगर बाबा के हठयोग के चलते सुर्खियों में छाया हुआ है। पिछले 3 माह से बाबा मंदिर के बाहर आकर जैसे बैठते हैं, वैसे हजारों की संख्या में मधुमक्खियों अचानक आ जाती हैं। बाबा विधि-विधान से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं। करीब एक घंटे की पूजा के बाद बाबा के जाते ही मधुमक्खियां भी एकाएक यहां से चली जाती हैं। पूजा-अर्चना के दौरान फोटो खीचनें पर बाबा ने रोक लगाई हुई है।

आन्नदेश्वर में गुजारे कई बरस
स्थानीय निवासी बिल्लू पानवाले बताते हैं कि अजगर बाबा करीब तीस साल से आन्देश्वर मंदिर के बाहर रहते हैं और पूजा-पाठ के साथ जो भिक्षा मिलती है उसी से पेट भरते हैं। पर पिछले छह माह पहले वो फजलगंज चौराहे के पास बनें शिवमंदिर के बाहर अपना विस्तर लगा लिया। यहां पर भक्त बाबा को भोजन के साथ-साथ पैसे देते हैं। एकदिन सुबह के वक्त बाबा मंदिर के बाहर बैठे थे और उनके चारों तरफ मधुमक्खियों का घेरा था। ये दृश्य देख लोग आचंभित हो गए।

सांप- बिच्छू की भी कर चुके हैं पूजा
मधुमक्खियों की पूजा के दौरान बाबा ने फोटो खीचनें और वीडियो बनाने पर रोक लगाई हुई है। साथ ही अराधना के वक्त उनके आसपास जाने से लोग डरते हैं। राजू बताते हैं कि हमनें बाबा से जब मधुक्खियों की पूजा करने के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि भगवान शिव का ये जन्तु परमभक्त है। राजू के मुताबिक, बाबा ने ये भी बताया कि हम जहरीले सांपों के अलावा बिच्छू की भी पूजा कर चुके हैं। अब मधुक्खियों की अराधना पूरी होते ही हमें भगवान शिव दर्शन देंगे।

एक्सपर्ट भी अचंभित
कानपुर में अकेले पिछले एक साल के दौरान मधुमक्खी के डंक से पांच लोगों की मौत के साथ दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं। पर बाबा के साथ मधुमक्खियों के इस प्रेम के बारे में जब एक्सपर्स से बात की तो वो भी अचंभित दिखे। मेडिसिन विभाग के डॉक्टर विशाल गुप्ता बताते हैं कि मधुमक्खी के डंक मारते ही उनका ब्लड शरीर में फैलने लगता है, जो जहरीला होता है। जो शरीर के अंगों को प्रभावित करता है। बच्चों को अगर मधुमक्खी काट दे तो प्रतिरोधक क्षमता के हिसाब से असर करता है, बच्चे मधुमक्खी के जहर को सहन नहीं कर पाते। बताया कि मधुमक्खी के डंक से ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। सहनशीलता कम होने लगती है। फिर हार्टअटैक आता है। ऐसी हालात में ही मौत होती है। मधुमक्खी के डंक से निकलने वाला रक्त भी खतरनाक होता है।